रायपुर
मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण
श्याम प्लाजा, पंडरी रायपुर में आधार सेंटर कार्यालय का विधिवत शुभारंभ
समुदाय को जोड़ने की नई पहल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक भवन निर्माण का भूमिपूजन संपन्न
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के निरंतर विकास की आशा जताई।
सांसद खेल महोत्सव : खेल, संगठन और समाज को जोड़ने का विराट अभियान: बृजमोहन अग्रवाल
23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल प्रतियोगिताएं सुभाष स्टेडियम, सप्रे स्कूल, जे.एन. पाण्डेय स्कूल तथा अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 5000 खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी 9 विधानसभाओं के अंतर्गत रायपुर नगर निगम, अभनपुर, आरंग, तिल्दा, धरसीवा, बलौदा बाजार, भाटापारा और सिमगा ब्लॉक से चयनित खिलाड़ी 13 खेलों—कुश्ती, खो-खो, गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी, रस्सीकूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, तैराकी, भारोत्तोलन और शरीर सौष्ठव—में 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बालक-बालिका वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
राष्ट्रीय कर्मयोगी वृहद जनसेवा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सम्पन्न
रायपुर : राष्ट्रीय कर्मयोगी - वृहद जन सेवा कार्यक्रम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत विगत दिवस राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र छत्तीसगढ़ अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित किया गया। जिसमें शासन के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
यह कार्यक्रम राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय कर्मयोगी वृहद कार्यक्रम के तहत भारत के विभिन्न मॉड्यूल, डिजिटल क्षमता-वर्धन तथा प्रशासनिक दक्षता से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए एनआईसी की टीम द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। पूरे प्रशिक्षण में सहकर्मी सीखने, सहयोग और अनुभवात्मक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बैच को 5 छोटी टीमों में विभाजित किया गया था। प्रशिक्षण में टीम-आधारित चुनौतियाँ, व्यक्तिगत अभ्यास,चिंतनशील और संवादात्मक चर्चाएं की गई।
यह प्रशिक्षण व्यक्तिगत प्रभावशीलता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता पर केंद्रित रहा। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के छत्तीसगढ़ के एसआईओ टी. एन. सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अधिकारी-कर्मचारी को नागरिक-केंद्रित सेवाएँ प्रदान करने के लिए एक सच्चे राष्ट्रीय कर्मयोगी के गुणों को अपने दैनिक कार्यों में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से, पहले दिन ‘विजन 2047’ पर चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज रविवार से शुरू हो रहा है। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में आयोजित होने वाला यह पहला सत्र है, जो 17 दिसंबर तक चार दिनों तक चलेगा। सत्र के पहले दिन सदन में ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर चर्चा की जाएगी। इससे पूर्व रविवार, 14 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
पहले दिन की कार्यवाही में केवल भारतीय जनता पार्टी के विधायक शामिल होंगे, क्योंकि कांग्रेस विधायकों ने सत्र के पहले दिन का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इसके चलते पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा।
15 दिसंबर से 17 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के शेष दिनों में कानून-व्यवस्था, धान खरीदी, बिजली, जमीन की दरों सहित विभिन्न मुद्दों पर सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। इन विषयों पर कांग्रेस और भाजपा, दोनों दलों के विधायक मंत्रियों से सवाल करेंगे।
शीतकालीन सत्र के दौरान विधायकों द्वारा कुल 628 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनके जवाब संबंधित मंत्रियों को देने होंगे। सत्र का एक प्रमुख एजेंडा धर्मांतरण से जुड़ा मुद्दा भी रहेगा। जानकारी के अनुसार सरकार इस दौरान धर्मांतरण से संबंधित संशोधन विधेयक पेश कर सकती है।
पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती – मुख्यमंत्री साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।
दीक्षांत समारोह जीवन में नई जिम्मेदारियों के निर्वहन की शुरुआतः उच्च शिक्षा मंत्री
रायपुर। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई, जब विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 146 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचार की सदी है और शिक्षा को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाना होगा। विश्वविद्यालय द्वारा ज्ञान, संस्कार और नवाचार का जो प्रसार किया जा रहा है, वह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्राध्यापकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन–2047 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि श्री वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया तथा अपने करकमलों से शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उपाधियां, स्वर्ण पदक एवं डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन विश्वविद्यालय की डायरेक्टर शालिनी चंद्राकर ने किया।
रिसोर्ट में बड़ा हादसा, खाना खा रहे लोगों पर भरभराकर गिरा फॉल सीलिंग
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ एक बड़ा हादसा हो गया। VIP रोड स्थित रजवाड़ा रिसॉर्ट के रेस्तरां की भारी-भरकम फॉल सीलिंग अचानक खाना खा रहे लोगों पर गिर गई। इस हादसे में कई लोगों को गंभीर चोटें आई है। घटना के बाद रिसॉर्ट में चीख-पुकार मच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। पूरा मामला माना थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय रेस्तरां में 25 से अधिक लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जिस हॉल में रेस्तरां संचालित हो रहा था, वह निर्माणाधीन था। सजावटी डिजाइन और भारी लाइटिंग के कारण टूटी हुई फॉल सीलिंग काफी वजनी है। हादसे के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।
513 नए 4G टावरों से शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री साय
कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ पर विस्तृत चर्चा…. राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लिए ठोस कदमों पर बल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव के शोधकर्ताओं ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट “मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़” का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने शोधकर्ताओं के साथ राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रसार, ऊर्जा सुरक्षा, और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री साय को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों की ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी’ पर आधारित एक व्यापक इंडेक्स प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि पारंपरिक कोयला आधारित क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’—अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—कितना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का महत्वपूर्ण संकेतक है।
विशेष लेख : सरकार का संकल्प - आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख रूप से कुटीर उद्योगों को केंद्रीकृत किया गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में युवाओं, महिलाओं तथा बेरोजगार लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के 28 जिलों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, जिनसे स्थानीय स्तर पर उद्यम स्थापित होंगे और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी सोच और खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव के प्रयासों से यह क्षेत्र नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी सरलता, सहजता, दृढ़ता और ग्रामीण विकास के प्रति संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। उनका यह स्पष्ट मानना है कि छत्तीसगढ़ का वास्तविक सामर्थ्य गाँवों में निहित है, जहाँ परंपरा, कौशल और संसाधन प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। वे मानते हैं कि स्व-रोजगार ही आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है। उनके नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे और कुटीर, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जाए।
गजेंद्र यादव अपने ऊर्जा से भरे कार्यशैली, जमीनी समझ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के लिए पहचाने जाते हैं। वे लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि परंपरागत कौशलों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अधिक अवसर मिल सकें। उनकी पहल से कुटीर उद्योगों में नई संभावनाएँ विकसित हुई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता का वातावरण मजबूत हुआ है। उनके नेतृत्व में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने कई अभिनव कदम उठाए हैं, जिससे हजारों लोगों को आजीविका के नए साधन प्राप्त हुए हैं।
कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सभी जिलों में होगीं कविता-कहानी प्रतियोगिताएं
रायपुर। नवा रायपुर में अगले महीने होने वाले साहित्य उत्सव के पहले प्रदेश के सभी जिलों में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए कहानी एवं कविता प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। इन दोनों प्रतियोगिताओं में जिला स्तर पर विजेताओं को पुरस्कार भी मिलेंगे। जिले के विजेताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शामिल किया जायेगा और सर्वोत्कृष्ठ कहानी तथा कविता को रायपुर साहित्य उत्सव में पुरस्कृत किया जायेगा। इस प्रतियोगिता के लिये जिलेवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं।
प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं अपनी स्वरचित कविता और कहानी 30 दिसंबर 2025 तक जिले के नोडल अधिकारी कार्यालय में जमा करा सकते हैं। 30 दिसंबर के बाद मिली कहानियों-कविताओं को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जायेगा। प्रदेश की समृद्धशाली साहित्यिक विरासत को लोगों तक पहुंचानें और साहित्य लेखन में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर में 23-25 जनवरी 2026 तक रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन होगा।
साहित्य उत्सव के तहत जिलेवार महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाली कविता-कहानी प्रतियोगिताओं में पहले पुरस्कार के रूप में 5,100 रूपए, दूसरे पुरस्कार के रूप में 3,100 रूपए और तीसरे पुरस्कार के रूप में 1,500 रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह दोनों प्रतियोगिताओं में 1000-1000 रूपए के तीन-तीन प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जायेंगे। जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त कहानी-कविताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा। राज्य स्तर पर पहले पुरस्कार के रूप में 21,000 रूपए, दूसरे पुरस्कार के रूप में 11,000 रूपए और तीसरे पुरस्कार के रूप में 7,000 रूपए की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह दोनों प्रतियोगिताओं में राज्य स्तर पर 5,100-5,100 रूपए के तीन-तीन प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जायेंगे।
प्रतियोगिता में शामिल की जाने वाली कविता न्यूनतम 8 छंदों की मौलिक, अप्रकाशित तथा टंकित होनी चाहिए। इसी तरह कहानी 1200 शब्दों में मौलिक, अप्रकाशित और टंकित होनी चाहिए। प्रतिभागी किसी महाविद्यालय-विश्वविद्यालय का विद्यार्थी हो एवं उसकी आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रतिभागी को अपने महाविद्यालय का परिचय पत्र अथवा प्राचार्य का प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। पुरस्कारों की घोषणा जनवरी 2026 में की जाएगी और पुरस्कृत प्रतिभागियों को 23, 24, 25 जनवरी 2026 को होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा। प्रविष्टी जमा करते समय कविता-कहानी के प्रारंभ में ऊपर एवं लिफाफे पर “युवा हिंदी कविता-कहानी लेखन प्रतियोगिता“ अवश्य अंकित करना होगा। पुरस्कृत कविताओं-कहानियों का संकलन कर प्रकाशित किया जाएगा जिसका विमोचन रायपुर साहित्य उत्सव के मंच पर किया जाएगा।
एचएनएलयू–सीएसजे–आईजेआर सम्मेलन : “न्याय वितरण तंत्र और संस्थागत क्षमता” पर कांफ्रेंस
रायपुर। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने न्याय व्यवस्था की मजबूती और संस्थागत क्षमता में वृद्धि विषयक राष्ट्रीय विमर्श को नई गति देते हुए “न्याय वितरण तंत्र और संस्थागत क्षमता” पर एक उच्चस्तरीय एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन सेंटर फॉर क्रिमिनल लॉ एंड ज्यूरिसप्रूडेंस तथा सेंटर फॉर लॉ एंड ह्यूमन राइट्स द्वारा सेंटर फॉर सोशल जस्टिस और इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के सहयोग से आयोजित किया गया। न्याय व्यवस्था के चार स्तंभ—पुलिस, न्यायपालिका, कारागार और विधिक सहायता—पर केंद्रित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न संस्थानों से आए 55 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में सेंटर फॉर सोशल जस्टिस की मैनेजिंग ट्रस्टी सुश्री नूपुर ने अपनी रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए और महिलाओं व कमजोर समूहों को प्रभावित करने वाली व्यवस्थागत चुनौतियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के लीड श्री वलय सिंह ने रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण का सारांश प्रस्तुत करते हुए राज्यवार न्यायिक क्षमता की तुलनात्मक स्थिति को रेखांकित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय विधिक सुधार और संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रमुख उत्प्रेरक हैं। उन्होंने संविधान द्वारा अपेक्षित न्याय व्यवस्था और संस्थागत तत्परता के बीच स्थित अंतर को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षण, विधिक सहायता और क्लीनिकल लीगल एजुकेशन को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। “वॉइसेस फ्रॉम द फील्ड” खंड में अधिवक्ता दिव्या जायसवाल, गायत्री और शोभाराम गिलहरे ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए सामने आए अनुभव साझा किए और वंचित समुदायों की वास्तविक स्थितियों पर चर्चा की।
इस अवसर पर सेंटर फॉर सोशल जस्टिस की रिपोर्ट “असेसिंग द इफेक्टिवनेस ऑफ जस्टिस डिलीवरी मेकनिज्म इन इंश्योरिंग एक्सेस टु जस्टिस” का औपचारिक विमोचन कुलपति द्वारा किया गया। सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्यों का प्रस्तुतीकरण डॉ. कौमुदी छल्ला ने किया, जबकि कुलसचिव डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन दिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. किरण कोरी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
पैनल चर्चाओं में न्याय व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों के गहन विचार सामने आए।
पैनल–I में न्यायपालिका और विधिक सहायता पर केंद्रित संवाद हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के उपसचिव श्री पार्थ तिवारी ने दूरस्थ क्षेत्रों में विधिक सहायता क्लीनिकों और पैरा–लीगल वालंटियर्स की भूमिका का उल्लेख किया। सुश्री नूपुर ने क्षेत्र-विशिष्ट योजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि श्री वलय सिंह ने न्यायपालिका, पुलिस, कारागार और विधिक सहायता की तुलनात्मक क्षमताओं पर अपने निष्कर्ष साझा किए।
शासकीय दंत चिकित्सालय की नवीन कार्यकारिणी ने ली शपथ
रायपुर। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के अध्यक्ष राम प्रताप दिनकर एवं उनकी कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर वीरेंद्र वाढ़ेर की अध्यक्षता मे आयोजित किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह में विशेष रूप से छत्तीसगढ अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आलोक मिश्रा, अधिकारी कर्मचारी संघ के फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा, सतीश पसेरिया प्रदेश महामंत्री एवं द.पु.म.रे.श्रमिक यूनियन रायपुर के वरिष्ठ नेता मोहम्मद शाहीद, संध्या रानी मोहल्ले उपाध्यक्ष महासमुंद, जिला अध्यक्ष सतनारायण घृतलहरे, एनएचम प्रकोष्ठ के बारले, संदीप पैकरा प्रशासकीय अधिकारी संरक्षक विजय डहरिया, देवेंद्र चंद्राकर, प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश सिंह ठाकुर, रायपुर जिला महामन्त्री गणेशा जाधव पाटिल उपस्थित थे।
कर्मचरियों में जय कुमार सोनटके, सीसी मारकंडे, चंद्रभूषण सिंह ठाकुर, दीपमाला भार्गव, अनीशा दिनकर, लता नीलमर्कर, रीना खुटे, शफकत होदा, मानसिंह ठाकुर, लक्ष्मण कोसले, नीरज शर्मा, तिलक भोगल, गणेश लिमसाखरे, सुमित दुबे, बलराम सेंन, रिंकी बसोड़, तेज कुमार श्याम, कार्तिक साहू, हेमंत चद्राकर एवं सैकड़ो संख्या में अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण
रायपुर : छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
विधायक भैयालाल राजवाड़े अस्पताल में भर्ती, मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री साय