छत्तीसगढ़ में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर सख्ती, सरकार ने तेज की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया,
2026-05-09 07:59 AM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान, सत्यापन और देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। गृह विभाग और पुलिस प्रशासन को इस संबंध में विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार अब तक 57 संदिग्धों के खिलाफ ‘क्विट इंडिया’ आदेश जारी किए जा चुके हैं और उन्हें बांग्लादेश भेजा गया है। वहीं करीब एक हजार संदिग्ध अभी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इन लोगों के दस्तावेजों और पहचान से जुड़े तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक कई संदिग्ध खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं। ऐसे मामलों में सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार और वहां के प्रशासन से समन्वय स्थापित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों और स्थायी पते की पुष्टि के लिए बंगाल प्रशासन की मदद लेगी।
इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही विशेष कार्य बल (एसटीएफ) प्रभारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अब तक की कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि जिन संदिग्धों को फिलहाल होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है, उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द देश से बाहर भेजने की तैयारी की जा रही है।
राज्य सरकार ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए सभी 33 जिलों में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। इन टीमों की कमान एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। एसटीएफ को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, दस्तावेजों की जांच करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान छिपाकर रहने की शिकायतें मिली हैं। इसी कारण पुलिस अब आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों का भी सत्यापन कर रही है। संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।