रायपुर
राज्य स्तरीय उल्लास मेला रायपुर में 8 सितम्बर को.... मुख्यमंत्री साय करेंगे उल्लास साक्षरता अभियान का शुभारंभ
भगिनी मंडल कोरबा ने मनाया सावन उत्सव... फूलों की बारिश से किया सदस्यों का स्वागत
रायपुर। संयुक्त भगिनी मंडळ कोरबा के द्वारा बीते दिनों सावन उत्सव का आयोजन गजानन साई मंदिर कोरबा में किया गया। सर्वप्रथम मंडळ की अध्यक्ष अर्चना जोशी एवं सचिव प्राची जाखडी ने हल्दी कुमकुम तथा फूलों की वर्षा से सभी सदस्यों का स्वागत किया।
इस उत्सव में बालको , एचटीपीएस , एनटीपीसी कोरबा पूर्व की महाराष्ट्रीयन समाज की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वाती रेगे की गणपति वंदना से किया। उसके बाद जया जोशी, नंदा फडतरे, मधु जायसवाल एवं मालती जोशी द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों ने सावन झूले का आनंद लिया और सावन सुंदरी बनी कुंदा पवार को पुष्पगुच्छ एवं मुकुट पहना कर सम्मान किया गया। आभार प्रदर्शन प्राची जाखडी द्वारा एवं कार्यक्रम का संचालन स्मिता देशपांडे द्वारा किया गयाl
राजधानी रायपुर में राष्ट्र गौरव का पुनर्जागरण 25 अगस्त को
रायपुर। स्व. कुंदन लाल जैन विचार मंच के तत्वावधान में राजधानी रायपुर में राष्ट्र गौरव का पुनर्जागरण का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पूजनीय विराग मुनि जी का विशेष सानिध्य है। आयोजन समिति के चंदन और नंदन जैन ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएसएस मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना करेंगे। वहीं मुख्य अतिथि के रुप में वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम का आयोजन 25 अगस्त को सुबह 11 बजे से मे मेडिकल कॉलेज सभागार, रायपुर होगा।
जैन बंधुओं ने बताया कि मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन श्रीराम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानव्यापी मंदिर मामले के प्रमुख अधिवक्ता रहे है। विष्णुशंकर जैन ने साल 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से डिग्री लेकर वकालत शुरू की। तब से वह पिता हरिशंकर जैन के साथ हैं। विष्णु जैन ने श्रीराम जन्मभूमि मामले से प्रैक्टिस शुरू की थी। पिता-पुत्र की जोड़ी श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ज्ञानवापी शृंगार गौरी समेत देशभर के करीब 110 मामलों की पैरवी कर रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में भी विष्णु जैन हिंदू पक्ष की पैरवी कर रहे हैं।
राजधानी में होगा कृषि अभियंताओं का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन... जुटेंगे देश भर के कृषि अभियंता
पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग करेगा राज्य में पिछड़ा वर्ग समूह के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनैतिक भागीदारी का अध्ययन
दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते हैं : राज्यपाल डेका
रायपुर | राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में यहां ‘दिव्य कला शक्ति‘ कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमे दिव्यांगजनों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं पूरे देश से आये दिव्यांग उद्यमी एवं कलाकार उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों की प्रतिभाओं का प्रदर्शन करने और उन्हें सशक्त करने ‘‘दिव्यकला मेला और दिव्य कला शक्ति‘‘ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना एक अत्यंत सराहनीय कदम है। ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजनों को यह महसूस होता है कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और उनको प्रोत्साहन दे रहा है।
राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत सरकार सहित छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी दिव्यांगजनों का जीवन-यापन सरल बनाने के लिए अनेक योजनाएं, संचालित की जा रही हैंं। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के साथ विभाग द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर देने, व्यवसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, आवास आबंटन में प्राथमिकता देने और उनके परिवारों को विशेष सहायता देने से दिव्यांगजन भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में बराबरी से योगदान दे सकेंगे।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों में अलग तरह की विशेषताएं होती है और वे अनेक क्षेत्रों में बखूबी अपना दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री विरेंद्र कुमार द्वारा रायपुर में दिव्यांग पार्क बनाये जाने की घोषणा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि रायपुर में 17 से 22 अगस्त तक 16 राज्यों से आये हुए दिव्यांग शिल्पकार एवं उद्यमियों द्वारा अपने शिल्प की मार्केटिंग की जा रही है, जिसे छत्तीसगढ़ के लोगों ने अत्यंत सराहा है।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रबंध संचालक नवीन शाह, संचालक समाज कल्याण रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न राज्यों से आये दिव्यांगजन उपस्थित थे।
राजधानीवासियों के लिए अच्छी खबर, रायपुर में शुरू होगी आधुनिक लाइट मेट्रो ट्रेन
रायपुर। अगर सबकुछ ठीक रहा को राजधानी के लोगों को आवागमन के लाइट मेट्रो ट्रेन जैसी आधुनिक सुविधा मिल सकेगी। शहर के लोगों को यह सुविधा दिए जाने मास्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और महापौर एजाज ढेबर के बीच एमओयू साइन हुआ है।
बता दें कि रशिया के मास्को शहर में चल रहे इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं रायपुर के महापौर एजाज़ ढेबर कर रहे हैं। इस आयोजन के के बारे में जानकारी देते हुए महापौर ने कहा की लगातार 2022 से 2024 तक मास्को में हुए इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट समिट में शामिल हो रायपुर के विकास के विषय में लगातार प्रयास करता रहा हूं। जिसका परिणाम आज जाके मिला है।
15 देशों के साथ हुए लाइट मेट्रो ट्रेन ज्वाइंट वेंचर ओएमयू में हमारे देश से रायपुर शहर एक है। इस संधि से पूरे देश और खासकर रायपुर को यह जानकारी देते हुए बहुत खुशी हो रही है की अब रायपुर में भी लाइट मेट्रो ट्रेन की सुविधा मिलने वाली हैझ इसके लिए मास्को के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर के साथ ओएमयू साइन किया गया है। इस योजना के लिए 100 शहरों के में से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का भी चयन किया गया है।
‘नया भारत उत्सव’ एनआईटी रायपुर में युवा संवाद… विकसित भारत @2047 युवाओं ने रखें विचार
रायपुर। राष्ट्रीय प्रद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने 22 अगस्त, को "नया भारत उत्सव" के तहत "युवा संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, कुलपति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, डॉ. राजीव प्रकाश, निदेशक, आईआईटी भिलाई, डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, सेवानिवृत्त अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत बोर्ड (सीएसईबी) और दीपक म्हस्के, स्वतंत्र निदेशक, पेट्रोलियम मंत्रालय, भारत सरकार मौजूद रहे। कार्यक्रम की मेजबानी एनआईटी रायपुर के निदेशक, डॉ. एनवी रमना राव ने की। डॉ. अनुज शुक्ला, दानसिंह देवांगन, पल्लवी पांडेय और संजय जोशी आयोजन समिति के सदस्य रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एनवी रमना राव के भाषण से हुई। उन्होंने संस्थान की भूमिका को एक तकनीकी नवाचार और खोज केंद्र के रूप में उजागर किया। प्रधानमंत्री मोदी के नए और बेहतर भारत के सपने को बताते हुए, उन्होंने कहा कि मजबूत शैक्षिक संस्थानों के जरिए भारत को और ताकतवर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे सरकार की नीतियों में नए विचारों को अहमियत देने से भारत ने गांवों से लेकर शहरों तक में बड़ी तरक्की की है।
आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ. राजीव प्रकाश ने "विकसित भारत @2047" के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता पर बात की और छात्रों के प्रयासों की देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे आईआईटी भिलाई ने फिनटेक, एग्रीटेक और मेडटेक क्षेत्रों में निवेश किया और कॉलेज में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा भी दिया।
पेट्रोलियम मंत्रालय के दीपक म्हस्के ने पिछले दस साल में भारत की प्रगति, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान इसकी मजबूती पर विचार साझा किए। उन्होंने छात्रों को देश की प्रगति में योगदान देने के लिए उत्साहित किया।
सीएसईबी के सेवानिवृत्त अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले दस साल में बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ गया है और "वन नेशन, वन ग्रिड" नीति ने बिजली कटौती को कम करने और शहरी विकास को तेज करने में मदद की है।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने विशेष रूप से नोटबंदी के बाद भारत के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने प्राचीन संस्कृति को पुनर्जीवित करने के सरकार के प्रयासों की सराहना की, जिसे देश के विकास के लिए आवश्यक माना जाता है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उपस्थित छात्रों के साथ एक संवाद सत्र में हिस्सा लिया। एनआईटी के छात्र राहुल ने पूछा कि भारत कब विश्व गुरु बनेगा। इस पर सांसद महोदय ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीतियों की तारीफ की, जो दूसरे देशों के साथ आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि कैसे चीन से उद्योग भारत आ रहे हैं और भारत की प्रतिभाशाली जनसंख्या इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
एनआईटी की पीएचडी छात्रा कुमारी दुर्गा पटेल ने श्री बृजमोहन अग्रवाल से उनके कॉलेज जीवन और उनके राजनीतिक करियर में प्रेरणा के बारे में पूछा। उन्होंने छात्र राजनीति में अपने शुरुआती संघर्षों और एक युवा नेता के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया। श्री अग्रवाल ने उभरते नेताओं को सलाह दी कि वे मतदाताओं के साथ मजबूत संबंध बनाएं और जीवन में दयालु और परिश्रमी बने रहें।
इस कार्यक्रम में एक फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया जो मोदी सरकार के दस साल को प्रदर्शित कर रही थी और इस दौरान विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के स्टॉल का प्रदर्शन भी किया गया। देश के विकास के लिए सरकारी नीतियों पे विचार करने के लिए सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को इस दौरान पुरस्कार और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन संस्थान के सांस्कृतिक क्लब "रागा" और "नृत्यम" द्वारा किए गए आकर्षक प्रदर्शन और डॉ. अनुज शुक्ला के धन्यवाद भाषण के साथ हुआ।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 23 अगस्त को आएंगे रायपुर
900 करोड़ की लागत से नगरीय निकायों में शहरी अधोसंरचना को किया जाएगा मजबूत : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर | छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए 450 करोड़ रुपए की राशि जारी किये जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत अधोसंरचना विकास के लिए जल्द ही 450 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। इस प्रकार, कुल 900 करोड़ रुपए की राशि प्रदेश के नगरीय निकायों को शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने और नए विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने यह घोषणा आज पत्रकार वार्ता के दौरान की, इस दौरान उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त मांगों और उसके निराकरण की स्थिति की जानकारी साझा की।
उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि नागरिकों की समस्याएं दूर करने और उनकी जरुरतों को समझाने के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन किया गया था। शहरी नागरिकों को इसका बेहतर प्रतिसाद मिला है। मैंने खुद कई जनसमस्या निवारण शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाएं देखी थीं और नागरिकों से मुलाकात की थी। मैंने सभी नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को लोगों की समस्याओं को यथासंभव मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए थे।

बता दें कि जनसमस्या निवारण पखवाड़े के दौरान प्रदेश भर में आयोजित शिविरों में करीब एक लाख 30 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37 प्रतिशत यानि 48 हजार आवेदनों का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया है। दूसरे विभागों से संबंधित आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित करने के बाद शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। लोगों की जरूरतों और मांगों से संबंधित निर्माण कार्य से जुड़े कार्य बारिश की वजह से नहीं हो पाए हैं। बरसात के बाद ये कार्य तेजी से पूर्ण किए जाएंगे। शहरों में आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा की यह बड़ी सफलता होगी।
जनसमस्या निवारण पखवाड़े के दौरान प्राप्त आवेदनों की स्थिति
प्रधानमंत्री आवास योजना: 17,512 आवेदनों में से 1,181 का त्वरित समाधान किया गया। शिविर स्थल पर ही नए आवास की स्वीकृति, त्रुटियों का निराकरण, और अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पेयजल समस्या: 5,573 में से 1,233 आवेदनों का समाधान शिविर में ही किया गया। नए नल कनेक्शन, पाइपलाइन विस्तार और लीकेज की मरम्मत का कार्य किया गया।
कचरा संग्रहण और साफ-सफाई: 1,796 कचरा संग्रहण से संबंधित आवेदनों में से 1,127 को मौके पर निपटाया गया।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 2,263 आवेदनों में से 570 का त्वरित निराकरण किया गया।
सड़क और नाली मरम्मत: 17,655 में से 809 आवेदनों को तत्काल स्वीकृत कर मरम्मत कार्य किए गए। शेष मांगों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
संपत्ति कर और भवन निर्माण: 642 संपत्ति कर से संबंधित आवेदनों में से 380 का समाधान मौके पर किया गया। संपत्ति के नामांतरण और भवन निर्माण की स्वीकृति से संबंधित 1,117 आवेदनों में से 58 का त्वरित निराकरण किया गया।

राशन कार्ड और स्वास्थ्य सेवाएं: 21,701 राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों में से 11,541 का समाधान किया गया। 9,701 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण और 7,613 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।
भूमि विवाद और राजस्व प्रकरण: 14,080 आवेदनों में से 3,000 का निराकरण किया गया। बिजली, स्ट्रीट लाइट, मवेशी, आवारा कुत्तों, अतिक्रमण और अवैध निर्माण से संबंधित 30,489 आवेदनों में से 11,146 का समाधान किया गया। शेष आवेदन अन्य विभागों से संबंधित होने के कारण संबंधित विभागों को निराकरण के लिए प्रेषित किए गए हैं।
साय सरकार ने 8 महीनों में नगरीय निकायों को दिए 1250 करोड़ रूपये
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की सक्रियता की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के विकास और नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने शुरुआती 8 महीनों में नगरीय निकायों को 1250 करोड़ रुपए दिए हैं। इस राशि का उपयोग नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं के सुधार के लिए किया जा रहा है।
इसके अलावा, पिछले 8 महीनों में जारी की गई राशि के साथ-साथ नगरीय निकायों को जल्द मिलने वाली 900 करोड़ रुपए को मिलाकर कुल 2150 करोड़ रुपए शहरों के विकास के लिए प्रदान किए जाएंगे। अरुण साव ने जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास राशि की कमी नहीं है और सभी नगरीय निकायों की मांगों और जरूरतों के अनुसार राशि स्वीकृत की जा रही है।
जनसम्पर्क विभाग की छायाचित्र प्रदर्शनी : विद्यार्थी, युवाओं और विभिन्न वर्ग के लोगों ने की सराहना
रायपुर | जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थानीय टाउन हॉल में लगाई गई राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान वीर क्रांतिकारियों के जीवनवृत्त पर आधारित इस छायाचित्र प्रदर्शनी को विद्यार्थियों, युवाओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने सराहा। 15 अगस्त से 21 अगस्त लगाई गई इस प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी स्थल पर युवाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है।
राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में आज इस प्रदर्शनी को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, युवाओं और विभिन्न वर्ग के लोग आए। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शनी स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक रही।

प्रतिदिन यहां प्रदर्शनी देखने के लिए आने वाले स्कूली विद्यार्थियों के मध्य क्विज प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विजयी प्रतिभागियों को तत्काल मिलने वाले पुरस्कार से प्रदर्शनी को लेकर स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं में उत्सुकता रही। क्विज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल, पुरातत्व पर्यटन, संस्कृति, लोक कला, खेती-किसानी सहित अन्य विषय पर आधारित प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन महाविद्यालयों की छात्राओं ने प्रदर्शनी का आनंद उठाया और प्रदर्शनी की सराहना की। छात्रा अनु पाण्डेय और सुधा कुर्रे ने प्रदर्शनी के बारे में कहा कि यहां आजादी के लिये किए गए सभी संघर्षों और छत्तीसगढ़ के वीर क्रांतिकारियों के बारे में रोचक जानकारी दी गई है। इसी तरह गोबरा नवापारा निवासी हेमलाल यादव ने बताया कि जनसंपर्क विभाग ने बहुत ही अच्छा आयोजन किया है, इस प्रकार की प्रदर्शनी समय-समय पर लगनी चाहिए जिससे आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विगत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया था। सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही मुख्य योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रामलला दर्शन योजना, कृषक उन्नति योजना, महिला सशक्तीकरण, पीएम जनमन योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन आदि योजनाओं को प्रमुख रूप से शामिल किया गया। प्रदर्शनी स्थल पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में आगंतुको को छत्तीसगढ़ राज्य शासन के लोक कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विभिन्न पुस्तकों का भी वितरण निःशुल्क किया गया।
भारतीय वुड बॉल टीम के खिलाड़ियों ने गरियाबंद के पैरी नदी के रेत में 5 दिन तक अभ्यास किया
रायपुर | फर्स्ट बीच एशियन कप में वुड बॉल गेम के लिए चयनित भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने गरियाबंद के पैरी नदी के रेत में 5 दिन तक अभ्यास किया | बता दें, कोरिया के डोंगे में 26 अगस्त से एशियन कप प्रतियोगिता शुरू होगी | वुड बॉल गेम के खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें टूर्नामेंट की तैयारी के लिए सटीक स्थान मिला | इसके लिए उन्होंने कलेक्टर का भी आभार जताया।
छत्तीसगढ़ वुड बॉल एसोसियशन के सचिव जितेंद्र पटेल ने बताया कि 26 अगस्त से 1 सितंबर तक कोरिया के डोंगे में फर्स्ट बीच एशियन वुड बॉल गेम का आयोजन हो रहा है | भारतीय वुड बॉल संघ के तत्वाधान में टीम में 9 खिलाड़ी चयनित हैं | टीम में केरल,मुंबई,एमपी,सीजी के खिलाड़ी चयनित हुए हैं | बीच गेम के प्रेक्टिस के लिए पैरी नदी का लम्बा चौड़ा और साफ रेतीला मैदान काफी उपयुक्त था | छत्तीसगढ़ संघ ने इस स्थान को पहले देखा था | कलेक्टर दीपक अग्रवाल के विशेष सहयोग से 5 दिन का प्रेक्टिस आज संपन्न हुआ है।

टीम के कैंप कोच श्रृंगी शर्मा ने बताया कि समुद्र तट पर गेम खेला जाना है, यह पहली बार हो रहा है | भिड़-भाड़ से दूर और स्वच्छ इलाका होने के कारण पैरी नदी का रेतीला मैदान हम सभी के अभ्यास के लिए उपयुक्त साबित हुआ | केरल से आई दिया मिलिम बताती हैं कि केरल में बड़े-बड़े समुद्र तट हैं, पर वुड गेम के लायक साफ सुथरा नदी तट गरियाबंद का है।
जिले के कलेक्टर दीपक अग्रवाल गोल्फ और वुड बॉल के खेल में माहिर है | इस नाते सीजी वुड बॉल एसोसियशन से भी जुड़े हुए है | इलाके के भौगोलीक परस्थिति से वाकिफ भी हैं | ऐसे में कलेक्टर के पहल पर भारतीय टीम को मैच अभ्यास के लिए बेहतर माहौल मिला, यह जिले के लिए गौरव की बात है कि छालीवुड के बाद अब पैरी का सुंदर नजारा और रेत का मैदान अब किसी राष्ट्रीय खेल के लिए काम आ गया | कलेक्टर अग्रवाल ने इसे भविष्य में स्थाई रूप से अभ्यास स्थान बनाने प्रस्ताव भेजने की बात कही है।
महंत घासीदास संग्रहालय में ‘रंग परब’ नाट्य श्रृंखला में दिखेगी छत्तीसगढ़ की संस्कृतिक झलक
22 अगस्त से 24 अगस्त तक प्रत्येक शाम 7 बजे से होगा आयोजन
रायपुर | छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सहजने के उद्देश्य से छतीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा ‘रंग पर्व’ नाट्य श्रृंखला का आयोजन 22 से 24 अगस्त 2024 तक रायपुर के मुक्ताकाश मंच, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में किया जाएगा । इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न नाटकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनजातीय और लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

‘रंग परब‘ के पहले दिन 22 अगस्त को ‘गोदना’ नामक नाटक में देवार जनजाति की जीवन शैली, कला और संस्कृति को दर्शाया जाएगा, जिसकी प्रस्तुति गौतम चौबे द्वारा दी जाएगी। इसी प्रकार दूसरे दिन ‘कलंकार’ नामक नाटक में सामान्य लोक कलाकारों की सच्ची घटनाओं पर आधारित प्रस्तुति नरेन्द्र जलन्धरिया द्वारा की जाएगी। श्रृंखला के अंतिम दिन ‘आदिगाथा’ नामक नाटक के माध्यम से प्राचीन सीताबेंगरा की इतिहास और कालीदास के मेघदूत पर आधारित कला संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसकी प्रस्तुति किशोर वैभव जायसवाल करेंगे।
इस नाट्य श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है। इस नाट्य श्रृंखला की प्रस्तुति प्रतिदिन शाम 7 बजे से होगी।
छत्तीसगढ़ में कही मिला-जुला तो कही व्यापक असर : 21 अगस्त को ‘भारत बंद का
रायपुर | एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश भर के विभिन्न संगठनों ने आज यानी 21 अगस्त को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर भारत बंद का ऐलान किया है. नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्याय और समानता की मांग की है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है | यहां भी बंद का प्रभाव देखने को मिल रहा है लेकिन राजधानी रायपुर की बात करें तो बंद का कोई असर नहीं है | रायपुर में सभी स्कूल-कॉलेज, बस सेवा, पेट्रोल पंप और दुकानें खुली हुई है | वहीं शहर में पुलिस अलर्ट मोड पर है।
छत्तीसगढ़ में बंद के लिए बहुजन समाज पार्टी, सर्व आदिवासी समाज और भारतीय बौद्ध महासभा ने समर्थन दिया है | सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, आज भारत बंद का आयोजन किया गया है, छत्तीसगढ़ में इसका असर दिख रहा है।

इस प्रदर्शन को छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ और छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने समर्थन नहीं दिया | वहीं समाज के लोगों द्वारा राजधानी में रैली का आयोजन किया जा रहा है. दुकानों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है. राजधानी पुलिस अलर्ट मोड पर है जबरदस्ती बंद कराने या हुड़दंग हुई तो कार्रवाई होगी।
बिलासपुर शहर में भारत बंद का मिला-जुला असर दिखाई दे रहा है. कई जगह दुकानें खुली हुई है तो कहीं बंद है. जिले के स्कूल -कॉलेज खुले हैं, जरूरी सेवाओं को बंद से अलग किया गया है।
कांकेर जिले में आदिवासी समाज के भारत बंद का व्यापक असर दिख रहा है. भानुप्रतापपुर, अंतगढ़, पखांजूर, दुर्गूकोंदल क्षेत्र में सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान सहित आवागमन पूर्णतः बंद हैं. शासकीय कार्यालयों में बंद का प्रभाव दिखा रहा है. वहीं आम रास्ते को बाधित किया गया है. बंद से जन जीवन बुरी तरह प्रभवित हो रहा है।
तितलियों पर वॉक और टॉक का आयोजन : जंगल सफारी में 24 अगस्त को
रायपुर | रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी में जैव विविधता संरक्षण सोसाइटी, छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, और पाथ आईएएस अकादमी के सहयोग से 24 अगस्त को तितलियों पर वॉक और टॉक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और जन मानस में तितलियों की सुंदरता और उनके पर्यावरणीय महत्व के साथ-साथ जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सुबह 7 बजे से दोपहर 10.30 बजे तक विशेषज्ञों द्वारा तितलियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी जिसमें प्रतिभागियों को तितलियों की पहचान और उनके संरक्षण के व्यावहारिक अनुभव से रूबरू कराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के 12 विद्युतकर्मियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार