देश में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने वाली पहली माईन... गेवरा कोल ब्लॉक के सिर सजा सम्मान... कोयला मंत्री ने दी बधाई
2023-03-22 03:34 PM
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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की गेवरा परियोजना में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादित कर इतिहास रच दिया है। यह 50 मिलियन टन क्लब में पहुँचने वाली देश की पहली कोयला खदान है। इस वर्ष गेवरा खदान ने लक्ष्य 52 मिलियन टन है जिसे एरिया द्वारा 31 मार्च से पूर्व ही पूरा कर लिए जाने की आशा है। उत्पादन के साथ-साथ गेवरा एरिया 50 मिलियन टन के कोल डिस्पैच के लक्ष्य के भी बेहद करीब (49.08) मिलियन टन पहुँच चुका है।
गेवरा खदान आधुनिक व इको-फ्रेन्डली तकनीक के समावेश के जरिए कोल इण्डिया के परियोजनाओं में विशेष स्थान रखता है। यहाँ ब्लास्टिंग फ्री सरफेस माईनिंग तकनीक का व्यवहार किया जाता है, वहीं मैकेनाइज्ड कन्वेयर बेल्ट सुविधायुक्त साईलो के जरिए रैपिड लोडिंग सिस्टम कोयले के ढुलाई में प्रयुक्त होता है। खदान में ओव्हर बर्डन रिमूवल (ओबीआर) के लिए 42 क्यूबिक मीटर शावेल-240 टन डम्फर जैसे आधुनिक एचईएमएम का इस्तेमाल होता है, वहीं पर्यावरण संवर्धन के उद्धेश्य से लांग डिस्टेंस फाग कैनन मशीन जैसे उपकरण नियोजित किए गए हैं।
गेवरा परियोजना के 50 मिलियन क्लब में शामिल होने पर कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी जी ने ट्वीट कर बधाई दी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी डा. प्रेम सागर मिश्रा व निदेशक मण्डल स्वयं गेवरा परियोजना पहुँचे तथा गेवरा एरिया की टीम को बधाई देते हुए उत्कृष्ठ कर्मियों को पुरस्कृत किया।
मीडिया से चर्चा में सीएमडी एसईसीएल डा. प्रेम सागर मिश्रा ने कहा कि गेवरा में विकास और विस्तार की अपार संभावनाएँ हैं। वर्तमान में इसे 70 मिलियन टन विकसित किया जा रहा है, पर भविष्य में इसे और भी अधिक विस्तारित किया जा सकता है।
गेवरा क्षेत्र का विकास एसईसीएल के प्रगति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है यहाँ कोयले का इतना रिजर्व पड़ा है जिससे 10 साल तक पूरे देश की बिजली बनायी जा सकती है।
गेवरा खदान पिछले लगभग 40 वर्षों से देश की ऊर्जा आपूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी रूप से 1:075 के औसत स्ट्रीपिंग रेशियो के साथ यहाँ औसत रूप से जी-11 ग्रेड का कोयला पाया जाता है। खदान में स्ट्राइकलैंथ लगभग 10 किलोमीटर की है, वहीं उसकी चैड़ाई 4 किलोमीटर है तथा इस प्रकार लगभग 40 स्क्वैयर किलोमीटर में सघन माईनिंग की जाती है।