छत्तीसगढ़

कोरबा में कृषि विभाग कोदो-रागी की फसल लगाने कर रहा प्रोत्साहित, पटवारी ने घास समझकर गिरदावरी में दर्ज किया निरंक, अब किसान हो रहा परेशान

कोरबा । छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान के अलावा दूसरी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। लेकिन राजस्व विभाग का अमला गिरदावरी में जमकर भर्रासाही कर रहा है। ताजा मामाला कोरबा के ग्राम बुंदेली का है। यहां कृषि विभाग के कहने पर किसान ने धान की जगह कोदो-रागी की फसल लगायी। लेकिन पटवारी ने बगैर मौका निरीक्षण किये फसल को घांस समझकर गिरदावली में निरंक दर्ज कर दिया। जिसके बाद अब किसान के साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी खासे परेशान हो रहे है।

राजस्व विभाग की घर बैठे गिरदावरी का ये मामला भैसमा तहसील का है। यहां ग्राम बुुंदेली में रहने वाले किसान सुनील वर्गीस ने बताया कि वह 5.30 एकड़ भूमि में खेती करता है। कृषि विभाग ने उसे धान की जगह कोदो-रागी या किसी अन्य फसल लगाने पर कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि मिलने की जानकारी दी गयी थी। कृषि विभाग के अधिकारियों के कहने पर उसने 5.30 एकड़ भूमि में कोदो-रागी की खेती की।

किसान ने बताया कि फसल की गिरदावरी के समय पटवारी अर्चना कंवर ने गिरदावरी के लिए खुद मौके पर न पहुंचकर, गांव के कोटवार को खेत की फोटो लेने भेज दिया गया। किसान सुनील वर्गीस का आरोप है कि पटवारी ने बगैर फसल देखे गिरदावरी में उसकी फसल को निरंक दर्ज कर दिया। इस बात की जानकारी उसने कृषि विस्तार अधिकारी को दी। जिसका किसान ने दावा आपत्ति भी किया। लेकिन अब राजस्व पटवारी इस रिकार्ड को दुरूस्त करने में टालमटोल कर रही है।

इस पूरे मामले पर जब भैसमा के तहसीलदार से जानकारी चाही गयी, तो उन्होने पहले तो यह कहा कि ऐसा नही होना चाहिए। फिर जब हमने गिरदावरी के वक्त पटवारी का मौके पर रहना कितनी जरूरी है पूछा, तब तहसीलदार साहब ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि पटवारी के पास काफी काम रहता है, हर जगह वह मौजूद नही रह सकता है। तहसीलदार की बातों से स्पष्ट है कि उन्हे इस बात का इलम है कि पटवारी ग्राउंड जीरों पर पहुंचकर किसानों के फसल की गिरदावरी नही कर रहे, बल्कि अपना पासवर्ड देकर कोटवार या फिर पंच-सरपंच से खेतों का फोटो खिचवाकर मन मुताबिक आन लाइन रिकार्ड अपडेेट कर रहे है।

ग्राम बुुंदेली में किसान के फसल की गिरदावरी में हुए गड़बड़ी ने राजस्व विभाग की कार्य प्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठा दिया है। आनलाइन गलत रिकार्ड चढ़ाने को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में 25 अक्टूबर को दावा आपत्ति दर्ज कराया गया था। इसके बाद भी महिला पटवारी मौके पर न जाकर रिकार्ड में फसल निरंक दर्ज कर दिया गया। कृषि विस्तार अधिकारी का कहना है कि फसल की गिरदावरी के वक्त पटवारी के साथ कृषि विभाग की टीम भी मौजूद रहती है, ताकि फसल के संबंध में सही जानकारी अपलोड किया जा सके।

लेकिन अर्चना कंवर ने ग्राम बुंदेली में किसान के फसल की गिरदावरी के वक्त कृषि विभाग को न तो जानकारी दी गयी और ना ही खुद मौके पर पहुंची। कृषि विभाग का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो किसान को कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि का लाभ नही मिल सकेगा। जिससे न केवल किसान को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगाए बल्कि ऐसी गड़बड़ियों के कारण किसान दूसरी फसल लगाने से सीधे तौर पर कतरायेंगे।