छत्तीसगढ़

शराबबंदी की मिसाल बना ये गाँव, साहसी महिला संगठन का पुलिस ने किया सम्मान….

रायगढ जिले के ग्राम डुमरमुड़ा ने शराबबंदी के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा-निर्देशन में थाना जूटमिल परिसर में एक प्रेरणादायी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम डुमरमुड़ा की सक्रिय महिला संगठन की सदस्यों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव अहेर ने महिला संगठन की भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि इन महिलाओं ने गांव में अवैध शराब के खिलाफ संगठित होकर निर्णायक कदम उठाया। महिला संगठन की सदस्य स्वयं रोजाना निगरानी और पेट्रोलिंग कर अवैध शराब की बिक्री और सेवन पर रोक लगा रही हैं।

महिलाओं की सतत सक्रियता, साहस और सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्तमान में ग्राम डुमरमुड़ा में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू हो चुकी है। इस पहल से गांव में शांति, सुरक्षा और सामाजिक माहौल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

थाना प्रभारी ने कहा कि ऐसे जनसहयोग से ही नशामुक्त और सुरक्षित समाज की परिकल्पना साकार होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन आगे भी महिला संगठन को हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।डुमरमुड़ा की महिलाओं का यह प्रयास न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।