छत्तीसगढ़

'बीजों का अंकुरण से पौधा तक सफर' ने बच्चों को किया आनंदित

- कदम संस्था की पहल से बच्चों जा रहे हरियाली के समीप

- महापौर बीजारोपण महोत्सव 2026 में होंगे बच्चे पुरस्कृत

रायपुर। मिट्टी के गमले में एक पौधा लगाना और फिर उस बीज के अंकुरण से लेकर पौधा बनने के सफर में सिर्फ उसे ही आनंदित कर सकता है जिसने बीज का रोपण किया और प्रतिदिन उसकी देखभाल की। दुर्ग जिले की समाजसेवी संस्था कदम द्वारा बच्चों को पौधरोपण और हरियाली से जोड़ने की शुरू की गई पहल में आज हजारों बच्चे जुड़ चुके है। करीब आठ माह पहले संस्था द्वारा जिले के स्कूलों में जाकर बच्चों को करंज और खम्हार के बीज दिए गए। बच्चों ने अपने घर इसका रोपण किया और आज इन बीजों से पौधे निकल आए। संस्था द्वारा 11 जनवरी को बीटीआई ग्राउंड कालेज मैदान जीईरोड दुर्ग में महापौर बीजारोपण महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

कदम संस्था के प्रमुख प्रभु दयाल उजाला ने बताया कि करीब आठ माह पहले जिले के स्कूलों में जाकर बच्चों को करंज और खम्हार के पेड़ के बीज दिए गए थे। जो आठ महीन में पौधे बन गए है। अब बच्चे अपने उन पौधों को लेकर कार्यक्रम में आएंगे। बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। फिर बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बच्चों के लिए लक्की ड्रा कूपन भी निकाले जाएंगे। जिसमें विजेताओं को लैपटाप, टैब, स्मार्ट वाच, साइकिल, ट्राली बैग जैसे पुरस्कार दिए जाएंगे।

प्रभु दयाल उजाला ने आगे बताया कि कदम संस्था द्वारा 26 जनवरी 2025 से साप्ताहिक पौधरोपण का अभियान भी चल रहा है। संस्था के संस्थापक योगेश गनोरे के मार्गदर्शन में लगातार पौधरोपण और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का कार्य चल रहा है।