छत्तीसगढ़

एम्स रायपुर में सिकल सेल जागरूकता अभियान को नई दिशा

रायपुर। मध्य भारत में सिकल सेल रोग की बढ़ती चुनौती के बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में गुरुवार को महिलाओं एवं मातृ स्वास्थ्य पर केंद्रित व्यापक सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा सिकल सेल समिति, एम्स रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रारंभिक स्क्रीनिंग, समय पर निदान, काउंसलिंग एवं समन्वित उपचार व्यवस्था की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सिकल सेल रोगियों के लिए परामर्श, स्क्रीनिंग, काउंसलिंग एवं उपचार सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक गुरुवार को एक विशेष एकीकृत सिकल सेल क्लिनिक प्रारंभ करने का सुझाव दिया, ताकि मरीजों को एक ही स्थान पर बहुविषयक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

डीन अकादमिक एवं सिकल सेल समिति के अध्यक्ष डॉ. एली मोहापात्रा ने कहा कि मध्य भारत में सिकल सेल रोग की चुनौती से प्रभावी रूप से निपटने के लिए जनजागरूकता, प्रारंभिक स्क्रीनिंग, समय पर निदान तथा जेनेटिक काउंसलिंग अत्यंत आवश्यक है।

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एन. के. बागड़े ने अतिथियों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह ने सिकल सेल ट्रेट एवं अन्य हीमोग्लोबिनोपैथी के लिए प्रसव पूर्व स्क्रीनिंग के महत्व पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर शीघ्र ही सिकल सेल रोग एवं संबंधित हीमोग्लोबिन विकारों के लिए कम लागत पर प्रसव पूर्व जांच सुविधा प्रारंभ करने जा रहा है, जिससे आमजन को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में डॉ. फातिमा ने महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों तथा डॉ. गुपची ने सिकल सेल रोग के प्रसूति संबंधी प्रभावों पर जागरूकता व्याख्यान प्रस्तुत किए। वहीं, बैचलर ऑफ साइंस नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में स्क्रीनिंग, रोकथाम एवं मातृ जटिलताओं से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रोफेसर डॉ. विनीता सिंह, डॉ. सुनील एवं डॉ. हर्षल ने किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों, मरीजों एवं उनके परिजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा कार्यक्रम का समापन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एंटीनटल मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतिया रज़ा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।