छत्तीसगढ़

करेठा में भीषण आग से तबाही, 10 एकड़ से अधिक खेत और बाड़ियां जलीं

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में देर रात लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शहर से सटे ग्राम करेठा में खेतों और बाड़ियों में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इस आगजनी में 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी सब्जियां और खेतों में रखा पैरावट जलकर राख हो गया। घटना से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। जानकारी के अनुसार यह घटना रुद्री थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करेठा में हुई।

आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक धुआं फैल गया और आसपास की सड़कों पर आवाजाही तक प्रभावित हो गई। खेतों में लगी भिंडी, बरबटी, चेंच भाजी सहित अन्य फसलें आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीण अपने घरों से बाल्टी और अन्य बर्तनों में पानी भरकर मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार आग कई घरों के नजदीक तक पहुंच गई थी। यदि समय रहते लोगों ने प्रयास नहीं किया होता तो आग रिहायशी क्षेत्र में भी बड़ी तबाही मचा सकती थी। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से आग को घरों तक फैलने से रोका गया और एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीण सत्यनारायण सोनकर और पूर्णिमा सोनकर ने बताया कि उनकी करीब सवा एकड़ की बाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। उन्होंने कहा कि आग उनके घर तक पहुंच गई थी, जिसे परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर पानी डालकर बुझाया।

उनके अनुसार बाड़ी में लगी भिंडी, बरबटी और चेंच भाजी पूरी तरह नष्ट हो गई है। सोनकर दंपती का कहना है कि इस आगजनी से उन्हें लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं आसपास के किसानों की फसलें और खेतों में रखा कृषि सामग्री भी आग की चपेट में आई है। ग्रामीणों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र 10 एकड़ से अधिक है, जबकि आसपास करीब 15 एकड़ क्षेत्र में बाड़ियां और खेती की जमीन मौजूद है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के दौरान दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचा।

ऐसे में ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए आग को नियंत्रित करने की कोशिश की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग धीरे-धीरे शांत हुई। घटना के बाद किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सब्जी की खेती में उन्होंने बड़ी लागत लगाई थी और फसल तैयार होने की स्थिति में थी। ऐसे समय पर हुई आगजनी से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। स्थानीय स्तर पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।