बेटी के भविष्य की चिंता हुई कम, आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिलने से मां मानती राजवाड़े के चेहरे पर आई खुशी
रायपुर। हर मां का सपना होता है कि उसकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, अपने पैरों पर खड़ी हो और जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। लेकिन आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को लेकर चिंता बनी रहती है। छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सुरक्षा योजना ऐसे परिवारों को बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी श्रीमती मानती राजवाड़े की बेटी आंचल राजवाड़े को भी इस योजना का लाभ मिला है। आंचल के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है, जिससे परिवार को बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है।
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आंचल की यह कहानी बताती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नोनी सुरक्षा योजना से मिलने वाला लाभ परिवारों को बेटियों की उच्च शिक्षा और आगे की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी साबित हो रहा है।
मानती राजवाड़े बताती हैं कि वे अपनी बेटी आंचल को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहती हैं, ताकि वह पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन सके और अपने सपनों को पूरा कर सके। हर माता-पिता की तरह वे भी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत हैं। बेटी की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को लेकर उनके मन में चिंता रहती थी। ऐसे में नोनी सुरक्षा योजना का लाभ मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
योजना के अंतर्गत आंचल के नाम पर एलआईसी के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है। इससे परिवार को विश्वास मिला है कि बेटी के बड़े होने पर उसकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध होगा। मानती का कहना है कि बेटी के भविष्य के लिए अभी से आर्थिक सहायता की व्यवस्था होना उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण है।
नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आंचल राजवाड़े को भविष्य में आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिलने वाली राशि का उपयोग उसकी आगे की शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। मानती राजवाड़े बताती हैं कि वे चाहती हैं कि उनकी बेटी उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपने जीवन में आगे बढ़े। योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे आंचल की पढ़ाई और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में करना चाहती हैं। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च परिवारों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बेटी के नाम पर आर्थिक सहायता का प्रावधान होने से भविष्य की तैयारियों में मदद मिलेगी।