छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'अर्नब' का असर! कवर्धा में 2 दिन की छुट्टी; कलेक्टरों को मिला बड़ा अधिकार
2026-10-28 12:29 PM
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रायपुर : बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस्तर, सुकमा, कोंडागांव और नारायणपुर सहित कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, कवर्धा जिले में 28 और 29 अक्टूबर को दो दिन स्कूल बंद रहने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इस जिले के अवकाश आदेश की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अक्टूबर को आदेश जारी कर प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के आधार पर सरकारी तथा निजी स्कूलों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया है। इसका मतलब है कि कलेक्टर अपने जिले में भारी बारिश, तेज हवाओं या अन्य संभावित खतरों को देखते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय ले सकेंगे।
बस्तर में आज स्कूल बंद
चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए बस्तर जिला प्रशासन ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश तथा तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अवकाश का आदेश जारी किया। बच्चों को खराब मौसम में स्कूल आने-जाने के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों और सुरक्षा संबंधी जोखिमों से बचाना इस फैसले का प्रमुख उद्देश्य है।
कवर्धा में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद
कवर्धा जिले में भी चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जिले में 28 और 29 अक्टूबर को सरकारी तथा निजी स्कूलों में दो दिन के अवकाश की घोषणा की गई है। हालांकि, कवर्धा में दो दिन स्कूल बंद रखने का मूल जिला शिक्षा अधिकारी या कलेक्टर कार्यालय का आदेश स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है। कबीरधाम जिला प्रशासन ने बारिश की आशंका को देखते हुए 24 घंटे संचालित होने वाला बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इस कक्ष का दूरभाष नंबर 07741-232038 बताया गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने विद्यालय अथवा जिला प्रशासन से अवकाश की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
नारायणपुर में दो दिन, सुकमा और कोंडागांव में एक दिन की छुट्टी
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। आदेशों के मुताबिक, नारायणपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है। बस्तर, सुकमा और कोंडागांव में 28 अक्टूबर को विद्यार्थियों के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया।
जिला अवकाश की अवधि
नारायणपुर 28 और 29 अक्टूबर, बस्तर 28 अक्टूबर, सुकमा 28 अक्टूबर, कोंडागांव 28 अक्टूबर, राजनांदगांव 28 अक्टूबर, धमतरी 28 अक्टूबर, बालोद 28 अक्टूबर। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य जिलों में भी अवकाश घोषित होने की खबरें सामने आई हैं। अभिभावकों को अपने जिले के नवीनतम आदेश के अनुसार ही बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय लेना चाहिए।
सभी कलेक्टरों को छुट्टी घोषित करने का अधिकार
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी कर सभी जिला कलेक्टरों को विशेष अधिकार दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चक्रवात के कारण भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की स्थिति में संबंधित कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर स्कूलों में छुट्टी घोषित कर सकते हैं। यह निर्णय सरकारी और अशासकीय दोनों प्रकार के विद्यालयों के लिए लागू हो सकता है। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम खराब होने पर बच्चों को अनावश्यक जोखिम उठाकर स्कूल नहीं जाना पड़े। हालांकि, राज्य सरकार के इस आदेश से पूरे छत्तीसगढ़ में स्वतः छुट्टी घोषित नहीं हुई है। प्रत्येक जिले में अवकाश का निर्णय संबंधित कलेक्टर के आदेश पर निर्भर करेगा।
क्या शिक्षकों को भी मिलेगी छुट्टी?
स्कूलों में अवकाश घोषित होने के बाद शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बीच भी छुट्टी को लेकर सवाल सामने आ रहे हैं। कुछ जिलों में जारी आदेशों के अनुसार, अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए घोषित किया गया है। संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को नियमित रूप से अपनी ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए शिक्षकों को भी अपने जिले के शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश का पालन करना होगा। हर जिले में अवकाश की शर्तें अलग हो सकती हैं।