छत्तीसगढ़

जानिए आखिर कलेक्टर ने खुद ब्रश पकड़कर क्यों शुरू की पोताई

रायपुर। प्रदेश के गोठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का काम चल रहा है। इन प्राकृतिक गोबर पेंट की बिक्री भी अच्छी हो रही है। बालोद जिले का कलेक्टोरेट भवन राज्य का पहला कलेक्टोरेट है, जिसकी पोताई गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट से की जा रही है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने 27 फरवरी को सुबह स्वयं पोताई कर कलेक्टोरेट बिल्डिंग के रंग-रोगन कार्य का श्री गणेश किया। 
 
 
राज्य में  शासकीय भवनों की पोताई गोठानों में महिला समूहों द्वारा गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट किए जाने के निर्देश शासन द्वारा जारी किए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्राकृतिक पेंट को एसओआर में शामिल करने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भवनों की पोताई भी इसी पेंट से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में शासकीय भवनों की गोबर निर्मित प्राकृतिक पेंट से पोताई किए जाने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा है कि इससे राज्य में गोबर से प्राकृतिक पेंट के उत्पादन के नवाचार को बढ़ावा मिलने के साथ ही इस कार्य में जुटी महिला स्व-सहायता समूहों को लाभ होगा। मार्केट में मल्टीनेशनल कम्पनियों के केमिकल से बने पेंट एवं डिस्टेंपर की तुलना में प्राकृतिक पेंट सस्ता और इको फ्रेंडली है। 
 
मुख्यमंत्री बीते दिनों बालोद प्रवास के दौरान जिले के गोठानों में प्राकृतिक पेंट निर्माण की इकाईयों की स्थापना और पेंट-डिस्टेंपर उत्पादन की भी सराहना की थी। विदित हो कि इस दौरान गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम परसतराई में मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थल की पोताई जिले में निर्मित गोबर पेंट से की गई थी।