छत्तीसगढ़

प्रसिद्ध कत्थक गुरू रामलाल बरेठ की कला साधना को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान, राष्ट्रपति ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया

रायपुर | प्रसिद्ध कत्थक गुरू रामलाल बरेठ रायगढ़ राजदरबार के एक मात्र जीवित कत्थक नर्तक, राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान | 

उल्लेखनीय है कि रामलाल बरेठ रायगढ़ राजदरबार के एक मात्र जीवित कत्थक नर्तक हैं। रायगढ़ कत्थक शैली को लोकप्रिय बनाने, रायगढ़ को कत्थक घराना के रूप में स्थापित करने आपने अथक मेहनत की है | कत्थक नृत्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आपको पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रायगढ़ घराने के प्रसिद्ध कत्थक गुरू रामलाल बरेठ की कलासाधना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से रायगढ़ का नाम देश विदेश में भी अपना नाम रोशन करेगा। 9 मई 2024 को उन्हे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया। पद्मश्री पुरस्कार मिलने से रायगढ़ और बिलासपुर वासियों के साथ ही साथ पुरे छत्तीशगढ़ में खुशी की लहर है, वहीं परिवार ने इसे वर्षों की कलासाधना का सम्मान बताया। रामलाल बरेठ अपनी कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है और छत्तीसगढ़ में चक्रधर कला केन्द्र की स्थापना किए जाने की भी उन्होंने बात कही।