छत्तीसगढ़

ब्लास्ट फैक्ट्री में हादसा: धमाके से डोल गई धरती, घायल मजदूरों ने बयां किया बारूद फैक्ट्री का हाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम पिरदा-बोरसी स्थित स्पेशल ब्लास्ट फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट और उसके बाद बनी स्थिति का आंखों देखा हाल फैक्ट्री के घायल मजदूरों ने बयां किया। मजदूरों ने बताया कि वे फैक्ट्री की दूसरी यूनिट में काम कर रहे थे। जिस यूनिट में ब्लास्ट हुआ, वहां 10 से ज्यादा लोग काम कर रहे थे, वे लोग मलबे में दफन हो गए होंगे। धमाका इतना भयानक था कि देखते-देखते बिल्डिंग मलबा में तब्दील हो गया। धूल का गुब्बारा ही दिखाई दे रहा था। ब्लास्ट से ऊपर उछला मलबा नीचे गिर रहा था।

मजदूरों ने बताया कि ब्लास्ट के बाद अफरा-तफरी मच गई। हम तुरंत भागे। जिस यूनिट में ब्लास्ट हुआ है वहां शायद ही कोई जिंदा बचा होगा। कंपनी परिसर में धूल का गुबार ही दिख रहा था। मजदूरों ने बताया कि बारूद फैक्ट्री में बोरसी, उफरा, हरदी, पिरदा के लगभग 400 से 500 लोग काम करते हैं। सुबह के वक्त कम लोग थे। ब्लास्ट कैसे हुआ हमें नहीं पता। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं होता। कब विस्फोट हो जाएगा, कोई पता नहीं था। बहुत डर में हम लोग काम करते हैं। 

 

स्पेशल ब्लास्ट कंपनी में रेस्क्यू का काम शुरू हो गया है। घटनास्थल से हादसे में घायल 8 लोगों को अंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई है। मृतक श्रमिक का नाम सेवक राम बताया जा रहा है। वहीं छह लोगों का इलाज मेकाहारा में जारी है, जिसमें दिलीप ध्रुव, चंदन कुमार, मनोहर यादव, रवि कुमार कुर्रे, नीरज यादव और इन्द्र कुमार रघुवंशी शामिल हैं। वहीं एक श्रमिक शेषनाथ निषाद का अपचार एम्स अस्पताल में चल रहा है।