छत्तीसगढ़

अबूझमाड़ में जल शक्ति अभियान से नक्सलियों की गुरिल्ला वार ट्रेनिंग बेस कैंप हुआ ध्वस्त

जगदलपुर। बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ को नक्सलियों की राजधानी कहा जाता है। अबूझमाड़ के रेकावाया में गुरुवार को हुई मुठभेड़ से 8 नक्सलियों के मारे जाने से गुरिल्ला वार ट्रेनिंग बेस कैंप से हाथ धोना पड़ा है। अब नक्सलियों की राजधानी अबूझमाड़ नक्सलियों के लिए बचे एक मात्र सुरक्षित ठिकाना नही रह गया है। नक्सली यहां लंबे समय से अपने लड़ाकों को तैयार कर रहे थे, लेकिन इस बार फोर्स ने सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन जल शक्ति लागू कर दी है।

फोर्स ने अबूझमाड़ में ट्रेनिंग कैंप की जो तस्वीरें जारी की हैं उसमें साफ दिख रहा है कि वहां नक्सलियों के ठहरने के इंतजाम थे। बांस-बल्ली से कुटिया बनाई गई थी। इसके साथ ही ट्रेनिंग मॉडल भी तैयार किया गया था, जिसके माध्यम से नक्सलियों को ट्रेंड किया जाता था। मौके पर फोर्स को वह सभी जरूरी सामान मिले हैं जो नक्सली अपने दैनिक उपयोग में लाते हैं। फोर्स ने ऐसे सभी सामान को मौके पर ही नष्ट कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर के जंगलों में छिपे नक्सलियों को उनकी मांद से निकालने के लिए फोर्स के सैकड़ों जवान इंद्रावती नदी को पार कर अबूझमाड़ में दाखिल हुए। सभी जवान एक साथ अबूझमाड़ पहुंचे और नक्सलियों के ट्रेनिंग कैंप को घेर लिया। इंद्रावती को पार कर जवान मौके तक पहुंचे और सफलता पाई इसलिए इस अभियान को जल शक्ति नाम दिया गय है। इससे पहले फोर्स ने सूरज की पहली किरण के साथ मुठभेड़ करते हुए सफलता पाई थी, तब उस अभियान को सूर्य शक्ति नाम दिया गया था। नक्सलियों ने रेकावाया में सारी व्यवस्थाओं के साथ ट्रेनिंग कैंप स्थापित कर रखा था। वहां पर वे अपने नए लड़ाकों को गुरिल्ला वार की जरूरी जानकारी दिया करते थे।