छत्तीसगढ़

स्वयंसेवकों की कठिन साधना और परिश्रम निश्चित ही उन्हें सफलता के शिखर पर ले जाएगा

रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विस्तार का एक बड़ा आधार प्रतिवर्ष गर्मी के दिनों में  लगाए जाने वाले संघ शिक्षा वर्गों को माना जाता है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ प्रांत में कृष्णा पब्लिक विद्यालय, डूंडा रायपुर में संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का आयोजन 18 मई से 2 जून तक किया गया। कार्यक्रम का समापन छत्रपति शिवाजी आउटडोर स्टेडियम बूढ़ापारा, रायपुर में किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पद्मश्री जागेश्वर यादव, जशपुर ने कहा कि स्वयंसेवकों की कठिन साधना और परिश्रम, आत्मबल उनको निश्चित ही सफलता के शिखर पर लेकर जाएगा। बतादें कि गर्मी के बीच संघ के स्वयंसेवकों ने 45 मिनट बिना रुके गणसमता, पदविन्यास, निःयुद्ध, दंड-संचालन, दंडयुद्ध, खेल, योगासन, सामूहिक समता की शारीरिक प्रात्यक्षिक प्रस्तुत दी।

पद्मश्री जागेश्वर यादव ने सभी स्वयंसेवकों के लिए संदेश दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक कल्पवृक्ष है। समाज को जागरूक करने की प्रेरणा संघ से मिलती है, इसलिए सभी स्वयंसेवक शिक्षार्थी जो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, समाजों से आए हैं वह वापस अपने क्षेत्र जाकर अपने समाज को जागरुक कर, राष्ट्र कार्य के लिए प्रेरित करें और उनके लिए कार्य करें।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना ने कहा कि समाज में जो परिवर्तन आ रहे हैं उसका मूल कारण है कि हिंदू समाज जाग गया है। देश अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है, अंदरुनी देश विरोधी शत्रु बेनकाब हो रहे हैं। हिंदू समाज के जागने से हिंदुओं के धार्मिक संस्थान आकर्षण के केंद्र होंगे,  कुटुंब परिवार में उत्सव पर्व मनाने की बातें होंगी।  उन्होंने आगे कहा कि जाति समाज अपने गौरव को बढ़ाएं परंतु अन्य समाजों के बारे में तिरस्कार का भाव ना रखें। सभी समाज परस्पर सहयोग के तंत्र बनाएं। पूर्व में जातियां अपने में सिमट कर रह गई थी अब फिर ऐसा ना हो इसकी चिंता करें।

उन्होंने आगे कहा मंदिरों ने हमेशा से संस्कार , शिक्षा,  स्वास्थ्य , सुरक्षा , सेवा के काम किए हैं, वह सभी कार्य चलता रहे इसकी चिंता हो। मंदिर सबके लिए वैसे ही खुला हो जैसी कल्पना वीरसावरकर ने पतित पावन मंदिर के लिए की थी। आज भारत एक मजबूत देश के रूप में विश्व में अपना स्थान लेने के लिए अग्रसर हो रहा है। युग परिवर्तन की इस बेला में यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन अवसरों का लाभ उठा पाए जो आने वाले हैं और अपने आप को उन दायित्व के लिए तैयार करें जो हमें उठाने पड़ेंगे, तभी भारत विश्व गुरु बन सकते हैं।

अपने वक्तव्य में डॉक्टर पूर्णेन्दु सक्सेना ने किसी संगठन का नाम लिए बिना उन्होंने राष्ट्रविरोधी अभियान चलाने वाली शक्तियों की आलोचना की। उन्होंने कहा भारत के टुकड़े कर कश्मीर, केरल, मणिपुर को भारत से तोड़ने की बातें करने वाली शक्तियाँ कभी सफल नही होंगी लेकिन देशवासियों को इन शक्तियों से सावधान रहकर गुजरात से बंगाल तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत माता की जयका घोष करना होगा। भारत अच्छे के लिए बदल रहा है परंतु इस कालक्रम में सावधानी और दूरदृष्टि की आवश्यकता है ताकि दुनिया का यह सबसे बड़ी आबादी वाला देश स्थायित्व, सुदृढ़ता और विकास के मार्ग पर बढ़ पाए।

मंच पर प्रान्त संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा, महानगर संघचालक महेश बिड़ला, वर्ग के सर्वाधिकारी भगवान दास बंसल उपस्थित थे। वृत्त कथन वर्ग कार्यवाह बलराम यदु एवं आभार प्रदर्शन सर्वव्यवस्था प्रमुख वासुभाई पटेल ने किया। संघ शिक्षा वर्ग में 578 स्वयंसेवक शिक्षार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संघ के छत्तीसगढ़ प्रान्त व मध्य क्षेत्र के अधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वर्ग कार्यवाह बलराम यदु ने बताया कि वर्ग में जलसंरक्षण व वृक्ष संरक्षण से शिक्षार्थियों को जोड़ा गया। प्लास्टिक मुक्त एवं स्वच्छ परिसर के लिए प्लास्टिक कीबोतलों एवं कचरे से ईको फ्रेंडली ईंटे (इकोब्रिक्स) बनाई गई, साथ ही शिक्षण के दौरान भोजन में मिले आम फल को खाकर बीज संग्रहण का भी अनुकरणीय कार्य किये। संघ शिक्षा वर्ग में सभी शिक्षार्थियों द्वारा बीजारोपण से पौधारोपण का प्रायोगिक किए। सभी ने मिट्टी में आम और बेल के बीज रोपे। इन बीजों से निकले पौधों को वर्ग से लौटते समय शिक्षार्थी अपने साथ ले जाकर अपने क्षेत्र में पौधारोपण करेंगे।