1.37 करोड़ के कुर्की वारंट का कोर्ट ने दिया आदेश... SDM की गाड़ी हो गई कुर्क... जानिए क्या है मामला
रायपुर। मुआवजा के प्रकरण में प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन के ढुलमूल रवैये पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कुर्की का वारंट जारी किया है। जिला सत्र न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय में 1करोड़ की अधिक का कुर्क वारंट जारी किया। कोर्ट के तेवर को देख तुरंत ही एसडीएम सहित राजस्व विभाग के अधिकारी को कोर्ट भेजा गया, लेकिन कोर्ट ने मौके पर एसडीएम की ही गाड़ी को कुर्क करने का आदेश दे दिया। दरअसल पीड़ित पक्ष ने कोर्ट से मुआवजा कम देने को लेकर याचिका दायर की थी। लगातार नोटिस के बाद भी पीड़ित पक्ष को कोर्ट द्वारा तय की गई मुआवजा राशि नहीं दी गई।
दरअसल केएसके महानदी वर्धा पावर प्लांट के भू-अर्जन प्रकरण में सवा करोड़ से अधिक का मुआवजा भुगतान नहीं करने के मामले में कोर्ट ने कलेक्टर कार्यालय की अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश दे दिया। आदेश के परिपालन की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम न्यायालय पहुंचीं। जहां न्यायाधीश ने सबसे पहले एसडीएम की ही सरकारी गाड़ी को मौके पर ही कुर्क करने के आदेश दिए। उक्त वाहन को तत्काल जब्त कर लिया गया। दरअसल केएसके महानदी वर्धा पावर प्लांट में हुए जमीन अधिग्रहण के दौरान प्राप्त मुआवजा भुगतान से असंतुष्ट पक्षकार सुरेखा सिंह ने जिला न्यायालय में मामला दायर किया था।
इस प्रकरण में जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर, भू अर्जन अधिकारी एसडीएम और उद्योग विभाग के महाप्रबंधक को पक्षकार बनाते हुए उन्होंने अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा था। इस प्रकरण में सुनवाई करते हुए वर्ष 2017 में मुआवजा भुगतान के आदेश न्यायालय ने दिए थे, लेकिन न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हुआ। ऐसी स्थिति में पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के आदेश के परिपालन नहीं होने की बात रखते हुए अपना पक्ष रखा, जिस पर पिछले दिनों अपर सत्र न्यायाधीश ने कलेक्टर और एसडीएम के वाहन सहित प्रशासन की छह गाड़ियों तथा कलेक्टर कार्यालय की अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश दिए थे।
इसी कड़ी में शुक्रवार 16 अगस्त को न्यायालय के कुर्की आदेश का पालन कराने वे कलेक्टोरेट पहुंचे। न्यायाधीश शैलेन्द्र चौहान ने कुर्की की कार्रवाई तत्काल करते हुए एसडीएम की सरकारी गाड़ी क्रमांक-सीजी 02एच1212 को जब्त करने के आदेश दिए। आदेश होते ही एसडीएम की सरकारी गाड़ी को परिसर से ही जब्त कर लिया गया, जिसके बाद उन्हें निजी वाहन बुलाकर वापस लौटना पड़ा। बताया जाता है कि कुर्की आदेश के परिपालन में अभी कलेक्टर आकाश छिकारा की लग्जरी गाड़ी के साथ जिला प्रशासन के पांच गाड़ियों तथा कलेक्टर कार्यालय की अचल संपत्ति की भी कुर्की होनी है।