छत्तीसगढ़

विधायक और छात्रों ने स्कूल भवन और शिक्षकों की मांग को लेकर किया चक्काजाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के भरदाकला गांव में शिक्षा के प्रति उपेक्षा का मामला सामने आया है। स्थानीय विधायक और सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को अर्जुंदा-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस आंदोलन का उद्देश्य गांव के स्कूल के लिए नया भवन और पर्याप्त शिक्षकों की मांग को सरकार के सामने रखना था।

पिछली सरकार के दौरान, भरदाकला गांव के स्कूल भवन निर्माण के लिए 48 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी। इस स्वीकृति के बाद पुराने और जर्जर हो चुके स्कूल भवन को ध्वस्त कर दिया गया था। लेकिन चुनाव के बाद, नई सरकार ने इस स्वीकृति को निरस्त कर दिया, जिससे नया भवन अब तक नहीं बन पाया है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरा असंतोष फैल गया है।

इस स्थिति से निराश होकर, विधायक ने छात्रों और उनके परिजनों के साथ मिलकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम का नेतृत्व किया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया, जबकि उनके परिजन भी पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़क से नहीं हटेंगे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का मौलिक अधिकार है, और सरकारी उपेक्षा के कारण बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। 

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह तुरंत इस मामले का संज्ञान ले और स्कूल भवन के निर्माण के साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करे, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो। भरदाकला गांव के इस आंदोलन ने शिक्षा के प्रति सरकारी उपेक्षा को उजागर किया है और यह देखने वाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।