देवबलोदा में प्राचीन मंदिर को संवारेगा भिलाई स्टील प्लांट, अफसरों ने किया भूमिपूजन
रायपुर। भिलाई के देवबलोदा में स्थित पुरातात्विक धरोहर महादेव मंदिर स्थल को संवारने की जिम्मेदारी अब भिलाई स्टील प्लांट ने उठाई है। इसके लिए गुरुवार को बीएसपी के अफसरों ने भूमिपूजन किया। इस दौरान कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने सेंट्रल रीज़न भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. भुवन विक्रम, पुरातत्वविद् अधीक्षक डॉ. एन के स्वाई और एनसीएफ की वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. मोनिका चौधरी के साथ भूमिपूजन किया।
भिलाई स्टील प्लांट ने देवबलोदा गांव में स्थित छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक धरोहर महादेव मंदिर स्थल के जीर्णोद्धार, संरक्षण और विकास के लिए, बीच एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया गया। यह एमओयू 21 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय संस्कृति कोष (एनसीएफ) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच साइन किया गया था।
भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है, जिसका निर्माण 14वीं शताब्दी में कलचुरी राजवंश द्वारा करवाया गया था। मंदिर के खंभों और बाहरी हिस्से पर देवी-देवताओं की छवि बनी हुई है। राजधानी और दुर्ग के बीच भिलाई-तीन चरोदा रेल लाइन के किनारे बसे देवबलौदा गांव का यह ऐतिहासिक मंदिर कई ऐतिहासिक तथ्यों को साथ लिए हुए है। इस मंदिर के इतिहास को लेकर कहा जाता है कि यहां स्थित शिवलिंग स्वयं ही भूगर्भ से उत्पन्न हुआ है।