दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्‍ट्र मंडल के रविंद्र ठेंगड़ी को राज्‍यपाल ने किया सम्‍मानित

 एक भारत श्रेष्ठ भारतकार्यक्रम के अंतर्गत सात राज्‍यों के प्रतिनिधियों का किया गया सम्‍मान

रायपुर। राजभवन में एक भारत श्रेष्‍ठ भारतकार्यक्रम के अंतर्गत राज्‍यपाल रमेन डेका ने वरिष्ठ पत्रकार व महाराष्‍ट्र मंडल के सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी को महाराष्‍ट्र के प्रतिनिधि के रूप में राजकीय गमछा और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मानित किया। इस अवसर पर छह अन्‍य राज्‍यों के प्रतिनिधि भी सम्‍मानित किए गए।

 

इस मौके पर राज्‍यपाल रमेन डेका ने कहा कि नौ राज्‍यों महाराष्‍ट्र, मिजोरम, सिक्किम, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना और गोवा का स्‍थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर इन राज्‍यों के प्रतिनिधियों को एक- दूसरे राज्‍य की संस्‍कृति को देखने और समझने का मौका मिल रहा है। आप लोग यहां से बाहर जाकर लोगों से इन राज्‍यों की संस्‍कृति के बारे में चर्चा करेंगे, उसे प्रचारित- प्रसारित करेंगे। यह सांस्‍कृतिक आदान- प्रदान ही नहीं, बल्कि भावनात्‍मक एकीकरण भी है। यही एक भारत श्रेष्‍ठ भारतकार्यक्रम का उद्देश्‍य भी है, जिसे तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू किया था।

 

 

 

 

इस मौके पर महाराष्‍ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि करीब चार सौ साल पहले मराठी समाज के लोग छत्‍तीसगढ़ में आकर बसे और यहां की मिट्टी में रच बस गए। काले ने कहा कि 90 साल पहले अस्तित्‍व में आए महाराष्‍ट्र मंडल की चौथी वर्षगांठ पर चार सौ लोगों की उपस्थिति में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के संस्‍थापक केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा कि यहां मराठी समाज के लोगों को यहीं की मिट्टी में रच बसकर ऐसे काम करना चाहिए जिससे आपकी उपयोगिता सर्व समाज के लिए सिद्ध हो। महाराष्‍ट्र मंडल हेडगेवार के इस सुझाव को ब्रह्म वाक्‍य बनाकर उस पर पिछले 85 सालों से अमल कर रहा है। मंडल का हर काम सर्व समाज की सेवा के लिए ही होता है। अन्‍य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने राज्‍यों की विशेषताओं पर ध्‍यान दिलाते हुए संबोधित किया।

 

 

राजभवन के दरबार हॉल में बने छत्‍तीसगढ मंडपम में गुरुवार की शाम को आयोजित एक भारत श्रेष्‍ठ भारतमें मिजोरम की प्रतिनिधि बेलिंदा रियांग, बिहार से निमेष कुमार झा, गुजरात से राजेश चौहान, गोवा से सेवियो डिकोस्‍टा, तेलंगाना से गुरिजला उषा, पश्चिम बंगाल से नारायण रॉय को भी सम्‍मानित किया गया।

कार्यक्रम  में सभी राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने राज्‍यपाल डेका को अपने- अपने समाज की ओर से सम्‍मानित किया। महाराष्‍ट्र की ओर से अजय काले, शशि वरवंडकर और विनोद शेष ने राज्‍यपाल का सूत माला, शाल- श्रीफल और स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मान किया। इस अवसर पर सभी नौ राज्‍यों के खूबसूरत सांस्‍कृतिक कार्यक्रम विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों के छात्र- छात्राओं ने प्रस्‍तुत किए।

 

 इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य के प्रतिनिधि के रुप में महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन गोविंद दंडवते, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, वरिष्ठ सदस्य शशि वरवंडकर, बृहन्नमहाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव साहेब अमीन, बृहन्नमहाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले,  मिलिन्द शेष,  प्रवीण क्षीरसागर,  भगीरथ कालेले, सुधीर जाऊलकर, रचना ठेंगड़ी और महाराष्ट्र मंडल की मंडल प्रबंधक बी. नंदिनी नायडू, मराठा समाज से विनोद मांठरे, शरद फरताड़े,  महेंद्र जाधव, महाराष्ट्रीय स्वर्णकार समाज के संतोष कुमार भजे, सुधीर शेटये, कुनबी समाज से एसएस ब्राह्मणकर,  मनोहर खोटूले, तेली समाज से दीपक हटवार और राजकुमार बरबुद्धे उपस्थित थे।