कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सह मना की कृष्ण की पूजा
रायपुर। कार्तिक का महीना हो और मराठी परिवार में गोपाल काला उत्सव न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सव एक धार्मिक उत्सव है जो भगवान कृष्ण की पूजा से जुड़ा है। खासकर उनके बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' या 'दामोदर' के रूप में। महाराष्ट्र मंडल की डंगनिया महिला केंद्र की महिलाओं ने कार्तिक मास के पावन अवसर पर विगत दिनों गोपाल काला उत्सव मनाया। बाल कृष्ण और राधा बनकर पहुंचे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे और केंद्र की सभी महिलाओं ने उनके समक्ष रास किया और सुंदर भजनों का गायन किया।

महाराष्ट्र मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि गोपाल काला का आयोजन केंद्र की सदस्या श्रद्धा देशमुख के घर पर किया गया। गोपाल काला में हम भगवान कृष्ण की पूजा और उनकी बाल लीलाओं का स्मरण करते है। यह उत्सव भगवान कृष्ण से जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों और उनके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। गोपाल काला उत्सव में सभी बाल गोपाल की पूजा अर्चना कर दीपक जलाए और सभी उनके समक्ष रास किया। उत्सव में राधा-कृष्ण बने श्रीनिता विशाल बक्षी और साहिता विधान बक्षी ने सभी का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा देशमुख, ज्योति डोळस, नमिता शेष, अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, रंजना राजिमवाले, शैला गायधनी, रश्मि डांगे, प्रिया जोगलेकर, रश्मि दलाल, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़कर, माधुरी इंचुलकर, जया भावे, अर्चना टेंबे, अर्चना कुलकर्णी, श्रृष्टि दंडवते, अनुजा महाड़िक, संध्या विजया भाले, सौम्या इंगले उपस्थित थीं।