दिव्य महाराष्ट्र मंडल

गीता जयंती पर गीता के भक्ति और पुरुषोत्तम योग का पाठ

- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति आनलाइन मोड कर रही प्रतिदिन अभ्यास

- मोक्षदा एकादशी पर गीता का सामूहिक पाठ 30 नवंबर को

रायपुर। अपनी सनातन संस्कृति को संजोकर चली रही महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति मोक्षदा एकदाशी यानी गीता जयंती के उपलक्ष्य पर गीता के भक्ति योग और पुरुषोत्तम योग का पाठ करने जा रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृत भारती की टीम भी विशेष रुप से आयोजन में शामिल होंगी। पाठ का आयोजन 30 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल भवन में शाम 4 से 6 बजे तक किया जाएगा। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा हर वर्ष गीता जयंती मनाई जाती है।

आध्यात्मिक समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते ने बताया कि आध्यात्मिक समिति की ओर से अभी गीता के 12वें और 15वें अध्याय का नियमित अभ्यास आनलाइन मोड पर किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो रहे है। सृष्टि ने आगे कहा कि भगवद गीता के अध्याय 12 (भक्ति योग) में भगवान कृष्ण बताते हैं कि वे ऐसे भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं जो किसी को दुख नहीं देते, जो स्वयं दुख से मुक्त हैं, और जो सुख, दुःख, भय और चिंता से परे हैं। अध्याय 15 (पुरुषोत्तम योग) में श्लोक 12 में कृष्ण बताते हैं कि सूर्य, चंद्रमा और अग्नि में जो तेज है, वह उन्हीं का तेज है, और इन तीनों से ही संसार आलोकित होता है