रिंग फाइट के खिलाड़ियों ने किया किक और पंच का अभ्यास
- पश्चिम बंगाल में 12 से 14 दिसंबर तक होगी 9वीं नेशनल रिंग फाइट चैम्पियनशिप
रायपुर। छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की टीम अपने विजयी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार कड़ी मेहनत और पसीना बहा रही है। हर शनिवार और रविवार को टीम संत ज्ञानेश्वर स्कूल पहुंच अभ्यास कर रही है। बीते शनिवार को टीम ने किक और पंच का अभ्यास किया। बतादें कि पिछले वर्ष टीम ने आंध्रप्रदेश में तीन स्वर्ण सहित कुल 10 पदक अपने नाम किया था।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के सचिव और कोच ओपी कटारिया ने बताया कि इस खेल में टाइमिंग और पावर का सही इस्तेमाल ही जीत का आधार होता है। रस्सा खींच के बाद यह दो राउंड बेहद आवश्यक होता है। जो आपको जीत की ओर ले जाता है। किक और पंच सही टाइमिंग, प्लेस और पावर का होना बेहद जरूरी है। रिंग फाइट का खेल तीन राउंड का होता है। पहला राउंड रस्सा खींच है। इसके लिए प्रतिभागी को महज 15- 20 सेकंड दिया जाता है। दूसरा राउंड पंचेस फाइट का होता है। इसके लिए दो मिनट का समय निर्धारित होता है। दोनों खिलाड़ी एक- दूसरे के चेहरे पर पंच बरसाते हैं। तीसरा राउंड किक्स का होता है। इसमें प्रतिभागी प्रतिस्पर्धी पर दो मिनट में ही फ्री स्टाइल में फाइटिंग करते हैं।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि अनुभवी कोच ओपी कटारिया और वरिष्ठ खिलाड़ी वर्तिका क्षीरसागर के मार्गदर्शन में टीम समन्वय, अनुशासन और इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए गए। पवनी ओगले, रेशु जायसवाल, तन्वी साई, यशिका साहू, आयुष्मान कालेले, विहान कालेले, गौरव हिमने, अनीष जायसवाल, अभिमन्यु, पुष्कर साहू, आदित्य नारायण, तुषार वर्मा और रोनक वर्मा अभ्यास में जुटे थे।