दिव्य महाराष्ट्र मंडल

गीता हमें सिखाती है कि मुश्किल समय में रखना चाहिए धैर्य

-          संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने मनाई गीता जयंती और आबंडेकर की पुण्यतिथि

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने शनिवार, 6 दिसंबर को गीता जयंती और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि मनाई गई। असेंबली का आयोजन ग्रीन हाउस की टीम ने किया।

ग्रीन हाउस इंचार्ज शिक्षिका किरण तिवसकर ने बताया कि असेंबली कंडक्ट लावण्या गिरीभट्ट ने किया। सुविचार रूचि साहू ने व्यक्त किया। शिक्षिका प्रीति तिवारी ने बच्चों को बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। गीता हमें सिखाती है कि जीवन में अपना कर्तव्य ईमानदारी से करना चाहिए। मुश्किल समय में धैर्य रखना चाहिए,और हमेशा सच्चाईसाहस और अच्छे कर्म का रास्ता चुनना चाहिए।

शिक्षिका अस्मिता कुसरे और अपर्णा आठले ने बच्चों को  गीता का एक श्लोक पढ़कर सुनाया और उनका अर्थ भी समझाया। उन्होंने बताया कि कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूः मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥इस श्लोक का हिंदी में अर्थ बताते हुए दोनों शिक्षकों ने कहा कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है,, फल (परिणाम) पर तुम्हारा अधिकार नहीं है। कर्म के फल को ही लक्ष्य मत बनाओ। और कर्म न करने में भी तुम्हारी रुचि नहीं होनी चाहिए।

प्री प्राइमरी के बच्चे कृष्ण और अर्जुन बनकर आए थे। पीपी वन का कार्तिक खैरात कृष्ण और अर्जुन वंश बिसेन बनकर आए।  शिक्षिका किरण तिवस्कर ने बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि पर बच्चों को उनके बारे में जानकारी दी और उन्हें याद किया।