संत ज्ञानेश्वर के बच्चों ने जाना मानव अधिकारों को.. शहीद वीर नारायण को किया नमन
- नाट्य अभियन कर बच्चों ने मानव अधिकारों की व्याख्या की
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के शहीद राजगुरु हाउस के बच्चों ने बुधवार, 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। बतादें कि आज के ही दिन शहीद वीर नारायण को सन 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दे दी गई थी।
शहीद राजगुरू हाउस की इंचार्ज सरिता पांडे और शेफाली ठाकुर ने बताया कि बच्चों ने मानव अधिकार दिवस के अवसर पर नाट्य अभियन किया। जिसमें जाति धर्म से पहले मानव धर्म को बताया गया। बच्चों ने विभिन्न धर्मों की वेशभूषा में नाटक किय। एक बच्चा हिन्दू की वेश में आराध्य, मुस्लिम की वेश में काशिफ, सिक्ख की वेश में प्रभजोत और ईसाई की वेश में प्रतिज्ञा ने मंचीय प्रस्तुति दी। असेंबली का संचालन आयुषी तिवारी और प्रतिज्ञा निमेष दास ने कराई। दीपिका ने भाषण प्रस्तुत किया।
सरिता पांडे ने बच्चों को बताया कि मानवाधिकार दिवस लोगों को मानवाधिकारों के महत्व को याद दिलाने का एक आसान माध्यम है। यह वह दिन है जो उन लोगों के संघर्षों और बलिदानों को मान्यता देता है जिन्होंने उन अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी जिनका हम सभी आज आनंद लेते हैं।
यह दिन मानव जाति के रूप में हमने जो प्रगति की है, उस पर विचार करने और सभी के मानवाधिकारों को याद करने का भी समय है। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने और मानवाधिकारों के महत्व के बारे में सभी को शिक्षित करने के लिए यह दिन विश्व भर में मनाया जाता है।