देशपांडे परिवार ने नेत्रदान कर संजोया मां की स्मृतियों को
2025-12-13 09:24 PM
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- निधन उपरांत रायपुर एम्स में किया गया वनिता देशपांडे का नेत्रदान
रायपुर। अगर कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो, तो दुःख की घड़ी में भी इंसान हौसला रखकर बहुत कुछ कर सकता है, इस बात को प्रमाणित किया महोबाबाज़ार निवासी देशपांडे परिवार ने। देशपांडे परिवार की वरिष्ठ सदस्या वनिता के निधन के उपरांत उनके बेटे ने अपनी मां का नेत्रदान कराया। बेटों ने इस सार्थक प्रयास से अब उनकी मां की आंखें करीब 30-40 सालों से इसी दुनिया में रहेगी और बेटों ने अपनी मां की स्मृतियों को संजो लिया।
महाराष्ट्र मंडल के नेत्रदान और अंगदान समिति के प्रभारी विक्रम हिशीकर ने बताया कि श्रीमती वनिता देशपांडे, 86 वर्ष का आज शनिवार, 13 अक्टूबर को सुबह एम्स में निधन हो गया। निधन के बाद भी वनिता देशपांडे की आंखे न केवल अगले 30-40 साल तक फिर इसी दुनियां में रहेंगी, बल्कि उनकी आंखों से दो अंधे लोग इस सुंदर दुनियां को देख सकेंगे। यह समझते हुए उनके बेटे पं.संदीप, अभय, बेटियों जयश्री, आकांक्षा, और रेणुका ने उनके नेत्रदान का निर्णय लिया।
विक्रम ने आगे बताया कि बेटे और बेटियों की सहमति के बाद एम्स के सहयोग से उनका नेत्रदान संपन्न किया गया। इस प्रकार उनकी आंखें 2 अंधे इंसानों की जिंदगी में रंग भरेंगी। देशपांडे परिवार का यह प्रेरणादायक कार्य उन्हें साधुवाद प्रदान करता है। देशपांडे परिवार महाराष्ट्र मंडल का आजीवन सदस्य है।