सफला एकादशी पर मंडल की आध्यात्मिक समिति ने किया विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ
- आनलाइन मोड पर सुबह वरिष्ठ सदस्या मंजूषा मरकले ने पाठ करवाया
रायुपर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक एकादशी को होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ इस सफला एकादशी पर भी उत्साह के साथ जारी रहा। समिति के सदस्यों के साथ कई महिला केंद्रों की की टीम इस पाठ में शामिल हुई। बतादें कि आध्यात्मिक समिति की ओर से इस पाठ का आयोजन आनलाइन मोड पर सुबह 7 बजे से किया गया था।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सफला एकादशी को लेकर एक संक्षिप्त कक्षा प्रचलित है। कथानुसार चम्पावती का लुम्भक नाम का राजपुत्र अत्यंत दुराचारी था। एक दिन संयोग से उसने सफला एकादशी उपवास रखा। भूखा-प्यासा रहकर रातभर ठंड में जागरण किया और पीपल वृक्ष के नीचे भगवान को फल अर्पित किए। उस अनजाने उपवास से वह तुरंत पापमुक्त हुआ और आकाशवाणी हुई “तुम राज्य और पुत्र पाओगे।” लुम्भक भक्त बन गया और अंत में भगवान कृष्ण धाम को प्राप्त हुआ। इसलिए सफला एकादशी पापों का नाश करती है।
आस्था काले ने बताया कि आज सुबह वरिष्ठ सदस्या मंजूषा मरकले के नेतृत्व में पाठ किया गया। इस दौरान अर्चना जतकर, अरूणा सेठ्ये, दीपांजलि भालेराव, ज्योत्सना किरवई, मंजरी अलोनी, मंजूषा मरकले, प्रणिता नलगुंड़वार, रोहिणी नेने, संध्या खंगन, संजय मैराल, शुभदा अगस्ती, आरती, अलखनंदा नारद, अनघा करकशे, अनिल टोम्बे, अंजली खेर, अंजली नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंड़वार, तोषिका भुजबल शामिल हुई।