खेलों से मिलती हैं नेतृत्व, धैर्य, समन्वय, प्रेरणा और टीम भावनाः नवीन देशमुख
- प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स का शुभारंभ
- दौड़, स्लो साइकिल, म्यूजिकल चेयर सहित क्रिकेट और वालीबाल की हुई स्पर्धाएं
- उद्घाटन सत्र में स्कूल के सह प्रभारी देशमुख और प्राचार्य ने छात्रों में भरा जोश

रायपुर। जीवन में खेलों का बड़ा महत्व है, स्कूली लाइफ में तो इसकी वेल्यु और अधिक बढ़ जाता है। खेलों के माध्यम से हम नेतृत्व, धैर्य, समन्वय, प्रेरणा और टीम भावना जैसे विभिन्न कौशल सीखते हैं। व्यक्तित्व निर्माण में भी खेलों का बहुत महत्व है। कुछ लोगों के लिए, यह केवल शारीरिक गतिविधि या खेल की रणनीति नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स के शुभारंभ पर स्कूल के सहप्रभारी नवीन देशमुख ने व्यक्त किए।

शुभारंभ अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि स्कूलों में खेलकूद बेहद ज़रूरी हैं। ये शारीरिक फिटनेस, टीम वर्क और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के मूल्यों का संचार करते हैं। खेलों को केवल पाठ्येतर गतिविधियों के रूप में देखने के बजाय, पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग माना जाना चाहिए।

बच्चों को संबोधित करते हुए स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि खेल खेलने वाले बच्चे न केवल अपनी उम्र के बच्चों के साथ, बल्कि टीम के बड़े और छोटे खिलाड़ियों, कोच, खेल अधिकारियों आदि के साथ भी बातचीत करना सीखते हैं। उनमें अपनेपन की भावना भी विकसित होती है और उन्हें नए दोस्त बनाने का मौका मिलता है। ये संवाद और सामाजिक कौशल उनके भविष्य के रिश्तों और करियर में मददगार साबित होते हैं। खेल का पहला तत्व जिस पर हम ध्यान केंद्रित करेंगे, वह है संतुलन। संतुलन खेल के मैदान के कई क्षेत्रों में होता है और पढ़ने-लिखने के कौशल के विकास के लिए आवश्यक है।

स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने कहा कि दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद स्पर्धा में सभी क्लास के बच्चे भाग ले रहे है। बच्चों के लिए स्लो साइकिल रेस, म्यूजिकल चेयर, निडल और थ्रेड, टंग आफ वार, लेमन एडं स्पून रेस, क्रिकेट और बालीवाल जैसे खेल का आयोजन किया जा रहा है। स्पर्धा के शुभारंभ के साथ पहले दिन कुछ वर्गों का खेल संपन्न हुआ।
