बस्तर से रायपुर की यात्रा के लिए प्लानिंग तो जीवन यात्रा के लिए क्यों नहीः काले
महाराष्ट्र मंडल में चल रहा माय भारत का अंतर जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित माय भारत के पांच दिवसीय अंतर जिला युवा आदान प्रदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि आप दो दिन पहले बस्तर से निकले। तब आप सभी ने इसकी प्लानिंग की होगी। इन पांच दिनों में हम रायपुर कैसे जाएंगे, वहां क्या करेंगे, कहां-कहां घूमेंगे। क्या देखेंगे। तो जीवन यात्रा के हम प्लानिंग करने से क्यों चूक जाते है। उन्होंने बस्तर के सुकमा जिले से आए बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज ईश्वर ने आपको एक मौका दिया है, इन पांच दिनों में बहुत कुछ सीखना है। जीवन में सफलता का लक्ष्य बनाकर उसकी प्लानिंग करनी है।
बच्चों संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2 साल तक के बच्चों में सीखने की ललक अधिक होती है, थोड़ा बड़ा होने के बाद यह ललक कम हो जाती है। 15 की उम्र के बाद तो बच्चे खुद ही ज्ञानी बन जाते है। ऐसे में हमें जब भी जीवन में कहीं भी कुछ सीखने को मिले तो हमें दो साल का बच्चा बन जाना चाहिए। ताकि हम ज्ञान की बातों को आत्मसात कर सके। स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि उठो जागो और तब तक आगे बढ़ते रहे जब तक तुम्हें तुम्हारा लक्ष्य न मिले।
कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए राज्य निदेशक माय भारत अर्पित तिवारी ने कहा कि माय भारत का लक्ष्य युवाओं को सीखने, सेवा करने और नेतृत्व करने के लिए अवसर प्रदान करना। एक केंद्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं को स्वयंसेवा, कौशल विकास और नेतृत्व के अवसरों से जोड़ना। युवाओं को स्थानीय व्यवसायों, स्वशासन और सरकारी निकायों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के मैनेजर नवीन शर्मा विशेष रुप से उपस्थित थे।