दिव्य महाराष्ट्र मंडल

छत्रपति शिवाजी राष्ट्रीय गौरव यात्रा 16 फरवरी को पहुंचेगी रायपुर, तैयारी में जुटा सर्व समाज

 - रायपुर में भव्‍य स्‍वागत के साथ कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जुटे विभिन्‍न समाजों के प्रतिनिधि

0- राजमाता जिजाऊ के जन्म स्थल सिंदखेड नासिक ने 12 फरवरी को शुरू होगी यात्रा
0- जगन्नाथ पुरी में 19 फरवरी को यात्रा के समापन पर भव्यतम स्तर पर मनाई जाएगी शिवाजी महाराज जयंती
 
रायपुर। शिवाजी महाराज की मां राजमाता जिजाऊ बाई के जन्मस्थल सिंदखेड़ नासिक से निकलने वाली राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा 16 फरवरी को रायपुर पहुंचेगी। यहां यात्रा का न केवल भव्‍य स्‍वागत किया जाएगा बल्कि बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्‍यमंत्री विष्‍णु देव साय, अनेक मंत्रियों सहित कई जनप्रतिनिधियों और समाज के पदाधिकारियों के बतौर विशेष आमंत्रित शामिल होने की संभावना है।
 
राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा के भव्य स्वागत और कार्यक्रम की तैयारी को लेकर महाराष्ट्र मंडल में अध्यक्ष अजय मधुकर काले की अगुवाई में शु्क्रवार की देर शाम एक अहम बैठक हुई। जिसमें मंडल के कार्यकारिणी सदस्‍यों के अलावा मराठा समाज, कुनबी समाज, स्‍वर्णकार समाज सहित अनेक समाजों के पदाधिकारी शामिल हुए और आयोजन की तैयारी को लेकर अपने- अपने विचार रखें। 
 
बैठक में कुर्मी समाज व्‍यापार प्रकोष्‍ठ के धनंजय सिंह वर्मा ने बताया कि शिवाजी महाराज की मां राजमाता जिजाऊ बाई के जन्मस्थल सिंदखेड़ नासिक से 12 फरवरी को भव्‍य राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा शुरू होगी। छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्‍य प्रतिमा के साथ बेहद आकर्षक रथ यात्रा का आकर्षण होगा। धनंजय के मुताबिक यात्रा अकोला, अमरावती, नागपुर, राजनांदगांव, दुर्ग- भिलाई होते हुए 16 फरवरी को राजधानी रायपुर पहुंचेगी। छत्‍तीसगढ़ के विभिन्‍न शहरों में गौरव यात्रा जोशीला स्‍वागत किया जाएगा। लेकिन स्‍वागत के साथ भव्‍य कार्यक्रम रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में शहर के तमाम समाजों के पदाधिकारियों के साथ सामाजिक जनों को भी आमंत्रित किया जाएगा। 
 
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ को पत्र भेजकर 19 फरवरी को स्वराज दिवस घोषित करने की मांग की है। इसके लिए ईमेल के माध्‍यम से वे लगातार पिटीशन अभियान भी चला रहे हैं और इसके लिए उन्‍होंने बैठक में शामिल विभिन्‍न समाजों के पदाधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्‍होंने कहा कि जैसे ही 19 फरवरी को राष्‍ट्रीय स्‍वराज दिवस की घोषणा होगी, वैसे ही छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मार्ग प्रशस्‍त होगा। लोगों में शिवाजी महाराज की जीवनी और उनके पराक्रम को जानने की जिज्ञासा बढ़ेगी। 
 
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल कई वर्षों से 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती न केवल धूमधाम से तात्यापारा चौक स्थित शिवाजी प्रतिमा परिसर में मनाता रहा है, बल्कि इस दिन को स्वराज दिवस घोषित करने की हर स्‍तर पर मांग भी करता रहा है। काले ने कहा कि हम सभी समाज और संगठनों के लोग अभी से एकजुट होकर 16 फरवरी के कार्यक्रम को भव्‍य बनाने के लिए जुटेंगे, तो निश्चित ही यह आयोजन ऐतिहासिक व अविस्‍मरणीय होगा। 
 
काले ने कहा कि पिछले पांच सालों से हम महाराष्ट्र मंडल में हर महीने की 19 तारीख को शिवाजी महाराज की महाआरती करते आ रहे हैं। साथ ही उनके जीवन प्रसंगों पर चर्चा करते हैं। इस बार 19 जनवरी को शि‍वाजी महाराज की महाआरती के बाद आप सभी की उपस्थ‍िति में हम सब 16 फरवरी के आयोजन की आपस में चर्चा कर तैयारियों की रूपरेखा सुनिश्चित करेंगे।  
 
बैठक में मराठा समाज के लोकेश पवार, शिशिर सुरोसे, शरद फडताड़े, कुनबी समाज के पंकज ब्राह्मणकर, तिरेला कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष ललित कांकडे, सारिका गेडे़कर प्रदेश अध्‍यक्ष कुनबी समाज महासंगठन छत्‍तीसगढ, निकेश तितिरमारे, मंडल सचिव चेतन दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, चिकित्‍सा सेवा समिति के अरविंद जोशी, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।