दिव्य महाराष्ट्र मंडल

हल्दी- कुंकू 2026.... अमलीडीड केंद्र में 10 चूड़िया रिंग में फंसाकर प्रिया बनीं विजेता

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह केद्र में हल्दी-कुंकू का आयोजन रोचक और आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। हल्दी-कुंकू को रोचक बनाने के लिए महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में चूड़िया फेंकने का गेम खेला। जिसमें सभी सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया। स्पर्धा में 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही।

महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारी महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख ने बताया कि अमलीडीह महिला केंद्र द्वारा भी  हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। मराठियों में हल्दी-कुंकू का बड़ा महत्व है। विवाहित महिलाओं के सौभाग्य, आपसी स्नेह और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है, जहाँ वे एक-दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर पति की लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह महिलाओं को एकजुट होने, सजने-संवरने और त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है।

अपर्णा देशमुख ने आगे बताया कि अमलीडीह केंद्र की हुई मासिक बैठक की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में कांच की चूड़ियां फेंकने का गेम भी खेला। जिसमें 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही। बैठक में आगामी सामाजिक कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। जिसमें स्लम एरिया में संस्कार शिविर लगाने पर की रूपरेखा तैयार की गई। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीती, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा ,अपर्णा देशमुख  उपस्थित थी।