दिव्य महाराष्ट्र मंडल

श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल परिसर में महाराष्ट्र मंडल ने रोपे पौधे

- पीपल, नीम के साथ अंगूर, आम, सीताफल के पौधा का किया गया रोपण

- हॉस्पिटल ने सत्य साई के सेवा प्रकल्पों के बारे में विस्तार के  बताया

 

रायपुर। बारिश का मौसम पौधरोपण के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति की ओर से नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल परिसर में वृहद स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पौधरोपण कार्यक्रम में पर्यावरण समिति के साथ मंडल की अन्य समितियों के सदस्य भी शामिल हुए। इस अवसर पर मंडल के सचिव, उपाध्यक्ष और महिला प्रमुख विशेष रुप से उपस्थित थे।

महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष और पर्यावरण की प्रभारी गीता दलाल ने बताया कि सावन के आरंभ के साथ महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने इस वर्ष के व्यापक पौधरोपण अभियान की शुरूआत की। हिंदी पंचाग के अनुसार 30 जुलाई से सावन शुरु हो गया। हालांकि मराठी परिवारों का सावन भी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन छत्तीसगढ़ में निवासरत हम महाराष्ट्रीयन परिवारों ने सावन के साथ पौधरोपण अभियान की शुरूआत कर दी है।

पर्यावरण समिति के पुरुष प्रमुख पराग दलाल ने कहा कि आज कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के बाद पर्यावरण समिति की ओर से पौधरोपण अभियान की यह पहला कदम था। आज श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल परिसर में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मंडल सचिव चेतन दंडवते का विशेष रुप से मार्गदर्शन मिला। उन्होंने महाराष्ट्र मंडल की ओर से अस्पताल परिसर में फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। जिसमें मंडल के सदस्यों और अस्पताल प्रबंधन की टीम ने उत्साह के साथ भाग लिया।

पर्यावरण समिति की महिला प्रमुख अर्चना पराडकर ने कहा कि समिति द्वारा फलदार पौधों के अंतर्गत पपीता, आम, अंगूर, सीताफल, जाम के पौधों का रोपण किया गया। जो आने वाले कुछ समय में सुंदर और मीठे फल देंगे। वहीं छायादार पौधों की श्रृंखला में पीपल, बरगद, नीम जैसे पौधों का रोपण किया गया। छायादार पौधों के रोपण के लिए स्थान का चयन भी सोच समझकर किया गया, ताकि आने वाले समय में इसके कारण बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में कोई परेशानी न हो और यह पेड़ लंबे समय तक लोगों को छाया प्रदान कर सके।

इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन गोविंद दंडवते, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, मालती मिश्रा, नमिता शेष, आस्था काले, ओपी कटारिया, दीपक पात्रीकर, हेमंत मार्डीकर, प्रशांत देशपांडे, श्याम दलाल, मनीषा वरवंडकर, प्रिया बक्षी, डा. कमल वर्मा, सृष्टि दंडवते, पराग दलाल, अनघा करकशे, अर्चना पराडकर, दिव्या पात्रीकर, पल्लवी मुकादम, दीपांजली भालेराव, गौरी क्षीरसागर, संजय पुराणिक, गीता हाटे, निशा उमाठे, भारती देवरणकर, दिलीप शिवणकर, अर्चना पराडकर, मंजूषा मार्डीकर, चित्रा बल्की, अक्षता पंडित, अशोक लोणकर, मीना लोणकर, नम्रता गांगणे सहित बडी संख्या में मंडल के सदस्य उपस्थित थे।