‘सुख धन- दौलत में नहीं, अपनों के साथ सेवा करने में’
2026-08-23 05:41 PM
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0- महाराष्ट्र मंडल में आयोजित तीज महोत्सव में पद्मश्री यादव ने दिया प्रेरक संबोधन, महिला केंद्रों ने कई राज्यों की झांकियों से प्रस्तुतियों से जीवंत किया भारत
रायपुर। महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई दशकों से प्रेरक काम कर रही पद्मश्री फुलबासन बाई ने कहा कि जीवन में धन- दौलत की कोई अहमियत नहीं है। महत्व है तो सिर्फ अपनों के बीच दूसरी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का, उनकी तकलीफों, दु:ख- दर्द को दूर करने का। उन्होंने कहा कि पद्मश्री का सम्मान लेने के बाद उन्हें सैकडों कार्यक्रमों में विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित किया गया। इससे उन्हें नौ करोड रुपये मिले लेकिन आज तक न तो वो नौ करोड रुपये में से नौ रुपये भी अपने घर ले गईं और न ही अपने या अपने परिवार पर यह राशि खर्च की।
महाराष्ट्र मंडल के मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित तीज महोत्सव में मुख्य अतिथि की आसंदी से फुलबासन ने कहा कि इनाम की राशि से उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबी समितियां बनाई और सैकडों स्व सहायता मिति बनाकर विभिन्न तरीकों से आय अर्जित करने के उपाय बताए। इसके अलावा उन्होंने ‘कौन बनेगा करोडपति’ से अमिताभ बच्चन के सामने बैठकर पूरे 50 लाख रुपये, जीते। इसका उपयोग भी महिलाओं के उत्थान के लिए किया गया। यही कारण है कि आज भी उनके पति खेतों में उतरकर हल चलाते हैं, दूध दूहते हैं और दूध बेचते हैं। फुलबासन के अनुसार जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है, तो उसके पीछे किसी महिला का ही हाथ होता है। हम एक- दूसरे की टांग खींचना छोडकर एक दूसरे की मदद कर आगे बढाने में मदद करें।
मंडल अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि हम लोग छोटे- छोटे प्रॉब्लम जैसे पानी गिर गया, लाइट गोल हो गई से डर जाते हैं। हमने पहले सिंधुताई सपकाल को सुना है और आज हमें फुलबासन का प्रेरक संबोधन सुनने का मौका मिल रहा है। इससे हमें मंथन करना चाहिए कि आखिर इतने संघर्ष के बाद भी अपने जीवन को दूसरे के लिए प्रेरणास्पद कैसे बनाया जा सकता है। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया और कहा कि फुलबासन बाई की जीवनी व जीवनशैली को सुनने के बाद हमें अपने जीवन के लिए भी बेहतर सेवाभावी और आदर्श जीवन का संकल्प लेना होगा।
बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभ नगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र की ओर से आयोजित तीज महोत्सव में भारत दर्शन कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें चौबे कॉलोनी केंद्र ने दक्षिण भारत, सडडू- मोवा ने गुजरात, न्यू राजेन्द्र नगर, कमल विहार ने राजस्थान, सुंदर नगर ने हरियाणा, सरोना ने जम्मू- कश्मीर, शंकर नगर ने पंजाब, रोहणीपुरम ने ओडिशा, डंगनिया ने महाराष्ट्र, कोटा ने छत्तीसगढ़, देवेंद्र नगर ने मध्यप्रदेश, अंवति विहार ने पश्चिम बंगाल और टाटीबंध केंद्र की महिलाओं ने केरल राज्य का प्रतिनिधित्व कर ते हुए वहां के परंपरागत नृत्य पेश किया।