महाराष्ट्र मंडल में सामूहिक मंगलागौर उद्यापन...परिसर में उत्सव का माहौल
- 18 विवाहित महिलाएं परिवार के साथ पूजा में हुई शामिल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हुए सामूहिक मंगलागौर के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे परिसर को शिव और पार्वती मय कर दिया। सुबह मां गौरी- पार्वती की पूजा का जो भक्तिमय वातावरण बना, वह दोपहर 2 बजे तक बना रहा। सामूहिक मंगलागौर व्रत पूजन उद्यापन में 17 विवाहित महिलाएं अपने परिवार के साथ शामिल हुईं। पूजा-अर्चना, महाआरती के बाद महाप्रसाद में सभी शामिल हुए। इस वर्ष पहली बार बैंकॉक से सौ. प्रान्जली चार्वेकर पूजा में जुटी थी।
बतादें कि सामूहिक मंगलागौर उद्यापन का आयोजन महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आचार्य चेतन गोविंद दंडवते के मार्गदर्शन में पूजा संपन्न हुई। महाराष्ट्र मंडल के सचिव और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र के संस्थापक आचार्य चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि सामूहिक मंगलागौर उद्यापन का आयोजन प्रतिवर्ष सावन मास के अंतिम मंगलवार को किया जाता है। महिलाएं वैवाहिक जीवन में सुख- समृद्धि, पति- पुत्र की दीर्घायु, घर परिवार में सुख- शांति और संतान प्राप्ति की कामना करती है।
आचार्य दंडवते ने बताया कि इस वर्ष शिवांगी-संजीत लाखे, दिव्या-स्वप्निल कुशतर्पण, गीतु-कीर्ति कुमार परमानंद, आयुषी-परिमल आठले, सिया-समीर त्रिमळे, इशा-सागर पळसोदकर, प्रगति-पंकज जोशी, नेहा-आदित्य धर्माधिकारी, प्रीशा-प्रखर गनोदवाले, शुभ्रा-आदित्य आष्टिकर, हर्षिता-वैभव खड़कोदकर, स्वाती-प्रद्युम्न बक्षी, डॉ. रोहिणी-अमोल धुदे, गौरी-महेश आगलावे, प्रियल-मधुर देशपांडे, वर्षा- सिद्धार्थ टोपे और पद्मश्री-शांतनु देशमुख ने उद्यापन कराया है।
दंडवते ने आगे बताया कि आज हुए मंगलागौर उद्यापन अजय पोतदार, योगेश दंडवते, पार्थ देशपांडे, विपुला शेजवलकर, पल्लवी मुकादम, मेघा पोतदार, सृष्टि दंडवते, गौरी क्षीरसागर, आकांशा गड्रे, सृजन दंडवते, संध्या खंगन, यशस्वी दंडवते और अंकिता किरवई ने सहयोग प्रदान किया। वहीं महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्यक्ष गीता दलाल और अंकिता किरवई ने महिलाओं को सुंदर नृत्य कराया।