होली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है , जानिए ये खास वजह…
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है। होली के त्योहार में लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गले लग कर यह त्योहार खुशियों के साथ मनाते हैं। लेकिन होली मनाने से पहले होलिका दहन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। हिंदू धर्म में होलिका दहन करने के पीछे पौराणिक मान्यता जुड़ी हुई है। होली से ठीक एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे मान्यता क्या है।

मान्यता के अनुसार होलिका जिस दिन अग्नि में भस्म हुई थीं वह दिन फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि और समय प्रदोष काल का था। तब से होलिका दहन की परंपरा चलती चली आ रही है। होलिका दहन की अग्नि बड़ी पवित्र मानी जाती है और यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका की अग्नि को नकारात्मक ऊर्जा के अंत का भी प्रतीक लोग मानते हैं, इसलिए लोग होलिका दहन की जाती है।

हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार 24 मार्च 2024 दिन रविवार को होलिका दहन किया जाएगा। इसका शुभ मुहूर्त 24 मार्च को रात्रि 11 बजकर 13 मिनट से लेकर अगले दिन 25 मार्च को देर रात 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। होलिका दहन की पूजा करने के लिए कुल अवधि का समय 1 घंटा 14 मिनट तक रहेगा। मुहूर्त के अनुसार इस समय अवधि के अंतराल आप होलिका दहन कर सकते हैं।