देश-विदेश

वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन का असर, यात्रियों में हाहाकार

वाराणसी|  देशभर में इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन का असर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी साफ दिखाई दिया। 4 दिसंबर से ही यहां यात्रियों की परेशानियों की तस्वीरें सामने आने लगीं। बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें गुस्सा और बेबसी दोनों झलक रही थी।

परिवार का सफर बना महंगा सौदा
एयरपोर्ट पर मौजूद एक परिवार मुंबई होते हुए यूके के लिए रवाना होने वाला था। लेकिन उनकी फ्लाइट 8 से 10 घंटे तक लेट रही और अंततः कैंसिल हो गई। जब उन्होंने दूसरी फ्लाइट बुक करने की कोशिश की तो किराया इतना बढ़ गया कि यूके तक का टिकट भी सस्ता पड़ता। यह स्थिति यात्रियों के लिए आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों लेकर आई।

छात्र का गुस्सा और यात्रियों का हंगामा
इंटरव्यू के लिए बेंगलुरु जा रहे एक छात्र ने एयरपोर्ट पर इंडिगो काउंटर के बाहर एयरलाइन स्टाफ से तीखी नोकझोंक की। वहीं, दक्षिण भारत से काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए आए श्रद्धालु भी फ्लाइट कैंसिल होने से परेशान दिखे। दिल्ली जाने वाले कई यात्रियों ने मजबूरी में ट्रेन का सहारा लिया।

3 दिन में 3 दर्जन से अधिक उड़ानें रद्द
वाराणसी एयरपोर्ट पर तीन दिनों में करीब 36 से अधिक इंडिगो फ्लाइट कैंसिल हुईं। इससे यात्रियों को 48 से 60 घंटे तक एयरपोर्ट और होटल के बीच भटकना पड़ा। आमतौर पर शांत रहने वाला यह एयरपोर्ट यात्रियों के हंगामे और नाराजगी का गवाह बना।

क्षेत्रीय असर और व्यापक संकट
वाराणसी एयरपोर्ट न केवल पूर्वांचल बल्कि आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, भदोही और बिहार के यात्रियों के लिए भी प्रमुख केंद्र है। फ्लाइट कैंसिलेशन ने इन सभी जिलों के यात्रियों को प्रभावित किया। यह स्थिति स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विमानन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

वाराणसी एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन ने यात्रियों को असहाय बना दिया। लंबे इंतजार, महंगे टिकट और अनिश्चित यात्रा ने हवाई सफर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की नाराजगी और हंगामा इस बात का संकेत है कि एयरलाइंस को पारदर्शिता और त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। 
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