एक परिंदा बचा, पर सवाल अब भी बाकी—कब थमेगी मौत की मांझा
2026-02-12 12:32 PM
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लखीमपुर खीरी| उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझा पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद आसमान में पतंगों के साथ मौत की डोर अब भी लहराती दिख रही है। लखीमपुर खीरी के तहसील सदर में इसका ताजा उदाहरण सामने आया, जब एक बेबस पक्षी पेड़ पर फंसा हुआ मिला। उसका पैर प्रतिबंधित मांझे में उलझा था और वह पूरे दिन तड़पता रहा
आज नगर पालिका परिषद लखीमपुर की टीम ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। जैसे ही पक्षी को आज़ादी मिली, वहां मौजूद लोगों की आंखों में चमक और दिलों में राहत उतर आई। तालियों की गूंज ने माहौल को भावुक बना दिया। एक नन्ही जान को फिर से उड़ते देख हर चेहरे पर मुस्कान बिखर गई
इस बचाव अभियान में तहसील परिसर में अपना SIR फार्म जमा करने आए जिगुनिया निवासी एक व्यक्ति ने अहम भूमिका निभाई। वह पेड़ पर चढ़ा और पक्षी को नई जिंदगी दी। लोगों ने उसे धन्यवाद दिया और इसे पुण्य का कार्य बताया।
यह घटना न केवल इंसानियत की मिसाल है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा कितनी खतरनाक है। प्रशासन के आदेशों के बावजूद इसका इस्तेमाल जारी है और यह पक्षियों से लेकर इंसानों तक की जान के लिए खतरा बना हुआ है।
लखीमपुर की इस छोटी-सी घटना ने एक बड़ी सच्चाई उजागर की है—कानून और आदेश तभी असरदार होंगे, जब समाज खुद जागरूक होकर मौत की डोर को आसमान से गायब करने का संकल्प ले।