बहनों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहनें मध्यप्रदेश की लक्ष्मी हैं, अन्नपूर्णा हैं, उनके लिए जितना करें, उतना कम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सदैव नारी कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित है। सनातन संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोपरि है। महा शिवरात्रि के पावन पर्व से पहले प्रदेश की लाड़ली बहनों को 1500 रुपए सम्मान राशि की अद्भुत सौगात मिल रही है। बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी प्राथमिकता है कि बहनों को प्रशिक्षण मिले, उन्हें स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए और मेहनत की सही कीमत मिले। बहनें एक बगिया मां के नाम योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। हमारी बहनें लखपति दीदी के साथ अब ड्रोन दीदी भी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित 5 लाख स्व-सहायता समूह के माध्यम से अब तक 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहनों को योजना की 33वीं किस्त की सौगात देने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपए अंतरित किए। इस योजना में अब तक लाड़ली बहनों को 52,304 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेश के कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर खंडवा के चहुंमुखी विकास के लिए 608 करोड़ रुपए से अधिक के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 255 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं 353.82 करोड़ लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में 301 करोड़ लागत की निर्मित भाम सिंचाई परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्रयोगशाला और पंधाना के नवीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति नारी प्रधान है। घर में माताओं-बहनों के हाथ में पैसे आएं तो वे उन्हें परिवार की सुख समृद्धि में लगाती हैं। बहनों की जिंदगी बदलने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार कपास आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5 हजार रुपए महीना अलग से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवार की बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हो रहा है। सामूहिक कन्यादान योजना में 55 हजार रुपए प्रति जोड़ा राशि दी जाती है। सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे बड़ा संस्कार है। यह परिवार में अमरता का संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पात्र हितग्राही परिवार की बेटियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था करा रही है, जिससे वे पढ़-लिखकर प्रदेश और परिवार का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में प्रदेश की 25 लाख बहनों को 111 करोड़ की राशि भी निरंतर भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश की 7 लाख से अधिक हितग्राहियों बहनों को 385 करोड़ की राशि दी गई है।