वाराणसी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का खुलासा
2026-04-07 09:20 AM
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वाराणसी| देशभर में लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं। घरेलू रसोई से लेकर बड़े-बड़े हलवाई और दुकानदार तक परेशान हैं कि मांग होने के बावजूद वे ग्राहकों को सामान नहीं दे पा रहे। वजह साफ है—कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी। इसी बीच वाराणसी से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जहां 250 से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडर बरामद किए गए हैं।
छिपा हुआ भंडार
सूचना मिली थी कि LPG सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है। इसी आधार पर आपूर्ति विभाग ने छापेमारी की। जांच में सामने आया कि बंद पड़े पेट्रोल पंप की आड़ में अवैध भंडारण किया जा रहा था। यह भंडार किसी सामान्य जगह पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित तरीके से छिपाकर रखा गया था ताकि किसी को भनक तक न लगे।
मिर्जापुर कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सिलेंडरों का भंडारण मिर्जापुर के एक एजेंसी संचालक ने कराया था। आपूर्ति विभाग ने कालाबाजारी की आशंका जताई और तुरंत कार्रवाई की। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर वाराणसी तक कैसे पहुंचे और किस नेटवर्क के जरिए इनकी सप्लाई हो रही थी।
पुलिस और विभाग की संयुक्त कार्रवाई
कैंट थाना क्षेत्र के चौका घाट के पास हुई इस कार्रवाई में आपूर्ति विभाग की टीम और पुलिस दोनों शामिल रहे। बरामदगी के बाद सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कालाबाजारी आम जनता के साथ सीधा धोखा है, क्योंकि जहां लोग जरूरत के लिए तरस रहे हैं, वहीं कुछ लोग मुनाफाखोरी के लिए सिलेंडर छिपा रहे हैं।
जनता की परेशानी और सवाल
इस घटना ने आम लोगों की परेशानी को और उजागर कर दिया है। एक तरफ महिलाएं और परिवार घरेलू गैस सिलेंडर के लिए संघर्ष कर रहे हैं, दूसरी तरफ दुकानदार और हलवाई अपने कारोबार ठप होने से चिंतित हैं। सवाल यह है कि जब कालाबाजारी के जरिए सिलेंडर छिपाए जा रहे हैं, तो आम जनता तक इसकी सप्लाई कैसे पहुंचेगी।