धमाकों के बीच उठीं लपटें: वाराणसी की मौर्या बस्ती में आग ने उजाड़ दी 20 गृहस्थियां
2026-04-24 02:05 PM
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एक चिंगारी, और सब कुछ राख
वाराणसी| वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र की भारत नगर कॉलोनी स्थित मौर्या बस्ती में गुरुवार दोपहर अचानक मची अफरा-तफरी ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक मामूली चिंगारी ने देखते ही देखते ऐसी भयावह आग का रूप ले लिया, जिसने करीब 20 झुग्गी-झोपड़ियों को जलाकर खाक कर दिया। आग की लपटों के बीच लगातार हो रहे सिलेंडर धमाकों ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी, और कुछ ही पलों में पूरा इलाका रणभूमि जैसा नजर आने लगा।
आग की शुरुआत: कबाड़ बना तबाही की वजह
घटना उस समय हुई जब कॉलोनी के पीछे किशोरी यादव की जमीन पर बसे झुग्गियों में कोई मौजूद नहीं था। यहां पश्चिम बंगाल के कबाड़ बीनने वाले लोग रहते थे, जो उस समय अपने गांव गए हुए थे। झुग्गियों में भारी मात्रा में कबाड़ जमा था, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की। एक झुग्गी से उठी लपटें धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैल गईं और देखते ही देखते सभी झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं।
धमाकों से कांपा इलाका: सिलेंडर बने खतरे की घंटी
जैसे-जैसे आग बढ़ती गई, झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर धमाके के साथ फटने लगे। इन धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि लोगों को लगा जैसे कहीं बम विस्फोट हो रहे हों। आधा दर्जन से अधिक सिलेंडरों के ब्लास्ट ने आग को और भयावह बना दिया और पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई।
आंखों देखा हाल: नींद से उठते ही सामने थी तबाही
स्थानीय निवासी विकास उस समय सो रहे थे जब अचानक तेज धमाकों की आवाज से उनकी नींद खुली। उन्होंने बताया कि करीब 3 बजे के आसपास उन्हें ऐसा लगा जैसे कहीं बम फट रहे हों। जब वे बाहर निकले तो देखा कि पीछे की झुग्गियों में भीषण आग लगी हुई है। लपटें इतनी ऊंची थीं कि पूरा मोहल्ला खाली होने लगा था। लोग अपने-अपने घरों से गैस सिलेंडर निकालकर सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे थे, ताकि कोई और हादसा न हो।
दमकल की चुनौती: संकरी गलियों ने बढ़ाई मुश्किलें
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर सर्विस को खबर दी। लेकिन संकरी गलियों में झुग्गियां होने के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में छोटी गाड़ियों को भेजा गया और बड़ी गाड़ियों के पाइप गलियों के जरिए अंदर तक पहुंचाए गए। कुल पांच फायर टीमों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पार्षद की जानकारी: राहत की बात, कोई जनहानि नहीं
वार्ड नंबर 46 पहाड़िया के पार्षद अजय चौधरी ने बताया कि इस इलाके में पश्चिम बंगाल के कूड़ा बीनने वाले लोग झुग्गियों में रहते हैं। घटना के समय सभी लोग अपने गांव गए हुए थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि उन्होंने बताया कि आग के दौरान करीब सात से आठ सिलेंडर ब्लास्ट हुए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
रिहायशी इलाके में झुग्गियां: पहले भी उठ चुके थे सवाल
पार्षद ने यह भी कहा कि यह इलाका रिहायशी है और यहां इस तरह की झुग्गियों का होना पहले से ही चिंता का विषय रहा है। इस बारे में जिम्मेदार अधिकारियों को पहले भी सूचित किया जा चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच जारी है।
फायर विभाग का बयान: स्थानीय लोगों की मदद से मिली सफलता
फायर ऑफिसर इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि मौके पर पांच फायर टीमों ने मिलकर आग पर काबू पाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने भी इस दौरान काफी सहयोग किया, जिससे आग को जल्दी नियंत्रित किया जा सका। उन्होंने यह भी बताया कि आग पूरी तरह काबू में है, लेकिन कई छोटे सिलेंडर ब्लास्ट हो चुके हैं और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
राख में बदली जिंदगी, सवाल अब भी बाकी
इस हादसे ने एक बार फिर शहरी इलाकों में असुरक्षित बस्तियों और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भले ही इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन 20 परिवारों की पूरी गृहस्थी राख में बदल गई। अब इंतजार है जांच के नतीजों का, जो बताएंगे कि आखिर इस तबाही के पीछे असली वजह क्या थी।