नई दिल्ली : सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्र सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 23 अप्रैल 2025 से सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों और पत्राचार का भारत की मौजूदा नीति पर फिलहाल कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है।
इसी बीच पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले वर्ष अप्रैल से अब तक भारत के अपने समकक्ष को चार पत्र भेजे हैं। इन पत्रों में मुख्य रूप से चिनाब नदी के जल प्रवाह में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके अनुसार अब तक भारत की ओर से किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला है। शाह ने बताया कि सबसे हालिया पत्र सोमवार रात भेजा गया, जिसमें चिनाब नदी के जलस्तर में आए महत्वपूर्ण बदलाव पर जानकारी देने का अनुरोध किया गया है। उनका कहना है कि नदी के प्रवाह में हो रहे बदलावों से संबंधित सूचना साझा नहीं होने के कारण पाकिस्तान के लिए स्थिति का सही आकलन करना कठिन हो रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार के दौरान सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह ने कहा कि चिनाब नदी के जल प्रवाह में उतार-चढ़ाव केवल तकनीकी विषय नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि जल प्रवाह का नियमित डेटा उपलब्ध नहीं होगा, तो यह समझना मुश्किल हो जाएगा कि जलस्तर में बदलाव प्राकृतिक कारणों से हुआ है या फिर ऊपरी हिस्से में किसी मानवीय गतिविधि के चलते।
भारत की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद पर ठोस और स्थायी कार्रवाई होने तक इस फैसले में बदलाव की संभावना नहीं है। पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि के प्रावधानों और नदी के जल प्रवाह से जुड़े मुद्दों पर भारत के साथ संवाद की कोशिश करता रहा है। हालांकि, भारत ने अब तक अपने घोषित रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि को लेकर स्थिति पहले की तरह बनी हुई है और फिलहाल किसी नई पहल के संकेत नहीं मिले हैं।