मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश नए आयाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना युगांतरकारी है। मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों विशेषकर चंबल के निवासियों के लिए यह बधाई देने का विषय भी है। इस परियोजना में मात्र दो रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है जो देश में अब तक की न्यूनतम दर और इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है। परियोजना के विशेषता इसका अभिनव बैटरी मॉडल है जिसमें एक बैटरी का रोजाना 2 बार इस्तेमाल करना संभव होगा। इसके साथ ही नीमच और शाजापुर सौर पार्कों को लोकार्पण इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एतिहासिक उपलब्धि है। कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में देश में अपने तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह एग्रीमेंट और 2 सौर पार्कों का लोकार्पण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय घटना है। यह एग्रीमेंट निरंतर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के पश्चात इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एक नई उपलब्धि है।
केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का आशीर्वाद मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाने में मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने कहा कि सभी राज्य इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश की प्रगति सबसे तेज है।
मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी अक्षय ऊर्जा निवेश गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर चुका है। राज्य अब केवल बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा भंडारण के माध्यम से स्वच्छ, विश्वसनीय एवं किफायती विद्युत उपलब्ध कराने की दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा भंडारण आधारित अक्षय ऊर्जा खरीद मॉडल को सक्रिय रूप से अपनाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
सोमवार को 500 मेगावॉट नीमच एवं 450 मेगावॉट शाजापुर सोलर पार्कों के माध्यम से 950 मेगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता राष्ट्र को समर्पित की गई है। यह उपलब्धि रीवा सौर परियोजना से प्रारम्भ हुई मध्यप्रदेश की अक्षय ऊर्जा यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
आगर-शाजापुर-नीमच (एएसएन) सौर परियोजना से भारतीय रेल को स्वच्छ विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जबकि रीवा सौर परियोजना से दिल्ली मेट्रो को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश लगातार अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करते हुए अब देश में नवाचार आधारित अक्षय ऊर्जा मॉडलों का अग्रणी राज्य बन गया है। इन परियोजनाओं का विकास एनटीपीसी नवकरणीय ऊर्जा लिमिटेड, टाटा पॉवर तथा वारी एनर्जीस जैसे प्रतिष्ठित परियोजना विकासकों द्वारा किया गया है। इनकी सफल स्थापना डेवलपर्स, शासन, ट्रांसमिशन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों तथा स्थानीय प्रशासन के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।