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टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गयाः मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन तक ले जाने का जो लक्ष्य रखा है, टूरिज्म उसका एक बहुत बड़ा पार्ट है। प्रधानमंत्री के तीन मंत्रों - देखो अपना देश, वोकल फ़ॉर लोकल और ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ने भारत के पर्यटन को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या और संभावनाएं दोनों बढ़ रही है क्योंकि पर्यटन अब सिर्फ़ घूमने-फिरने और प्रकृति को एक्सप्लोर करने का ही विषय नहीं रहा, यह हमारी कला-संस्कृति के प्रसार, रोज़गार, निवेश और आर्थिक विकास का माध्यम बन चुका है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से कहा कि यद्यपि पर्यटन के लिए पूरे देश में अनेकानेक स्थल हैं, तथापि जब भी पर्यटन के लिए निकलें, तो सबसे पहले अपने मध्यप्रदेश को ही चुनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रदेश के पर्यटन विकास, पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि और टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों व होमस्टे संचालकों जैसे हितग्राहियों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग को शेयर करने का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है। अब टूरिस्ट ऐसे ट्रैवल डेस्टिनेशन पर जाना पसंद करता है , जहां सुंदर और शांत वातावरण हो। ट्रैकिंग और एडवेंचर के साथ वेलनेस ओर स्पिरिचुअल टूरिज्म भी अब तेजी से ट्रेंड कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर 2022 से चीता पुनर्स्थापना के बाद वन पर्यटन बढ़ा है। टेक्नोलॉजी अब पर्यटन का अंग बन चुकी है। हमने 20 चीते लाकर यहां काम शुरू किया था। इनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा आश्रय स्थल बन गया है। मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए तेजी से काम हो रहे हैं, यही कारण है कि हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन के मामले में नए-नए रिकार्ड बना रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2024 की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आध्यात्मिक और वन्य जीव पर्यटन अब मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। प्रकृति प्रेमियों  के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग है। हमारे 12 नेशनल पार्क और 9 टाइगर रिजर्व जैव विविधता से भरा हुआ  खजाना हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के दूर-दराज से आए अतिथियों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, पर्यट न जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप कुछ दिन तो हमारे मध्यप्रदेश में गुजारिये, आप इसे भूल नहीं पाएंगे क्योंकि जो भी एक बार यहां आता है, वह हमारा ही हो जाता है। इसलिए एक बार मध्यप्रदेश घूमने का अनुभव जरूर लें।

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री मोदी के  मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव  के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।मध्यप्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत , प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध परंपराएं और आध्यात्मिक धरोहर देश- दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां के विविध पर्यटन अनुभवों ने हमेशा पर्यटकों का दिल जीता है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर नए नवाचार और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, नए पर्यटन अवसरों को विकसित करने और मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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