दिव्य महाराष्ट्र मंडल

यूसीसी की बैठक में महाराष्‍ट्र मंडल ने दिए अहम सुझाव

- महिलाओं की बैठक में मंडल की पदाधिकारियों ने दर्ज की दमदार उपस्थिति

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल की उपाध्‍यक्ष गीता श्‍याम दलाल और स्‍वास्‍थ्‍य, योग, आध्‍यात्‍म प्रभारी आस्‍था काले ने समान नागरिकता संहिता (यूसीसी) के रजिस्‍ट्रेशन व प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव दिया है। दोनों ही पदाधिकारियों ने सिविल लाइन स्थित न्‍यू सर्किट हाउस में एमके राऊत की अध्यक्षता में यूसीसी के संबंध में आहूत महिलाओं की बैठक ये सुझाव दिए। 

बैठक में मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, दिव्‍यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, स्‍वावलंबन समिति की प्रभारी शताब्दी पांडे भी शामिल हुईं। महाराष्‍ट्र मंडल की ओर से महिला पदाधिकारियों ने यूसीसी को लेकर सुझावों से संबंधित पत्र भी एमके राउत को सौंपा। इनमें प्रमुख सुझाव हैं:- 

0- एक राष्‍ट्र- एक कानून की व्‍यवस्‍था लागू करना चाहिए। विवाह, आपराधिक प्रकरणों, आरक्षण मामलों में पूरे देश में एक ही कानून लागू होना चाहिए।

0- आरक्षण का आधार सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए, चाहे वो किसी भी जाति- धर्म, संप्रदाय का क्‍यों न हो। आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंदों और उनके परिजनों के लिए शिक्षण, स्‍वास्‍थ्‍य की भी नि:शुल्‍क सुविधा उपलब्‍ध होनी चाहिए।

0- पूरे देशभर में हर नागरिक को अपने- अपने धर्म, रीति रिवाजों, संस्‍कृति, परंपराओं को मानने की पूरी स्‍वतंत्रता तो हो लेकिन भारतीय दंड स‍ंहिता के अंतर्गत।

0- बहु विवाह की अनुमति पूरी तरह से वैधानिक होनी चाहिए, न कि धार्मिक। अर्थात एक से अधिक विवाह की अनुमति केवल उन्‍हीं महिला या पुरुष को होनी चाहिए जिनके जीवन साथी का निधन हो गया हो, तलाकशुदा हो।

0- व्‍यक्ति की मृत्‍यु होने पर उसका उत्‍तराधिकारी वैधानिक होना चाहिए न कि धर्मगत आधार पर।  

0- व‍िवाह कार्य किसी भी धर्म, रीति रिवाज के आधार पर हो, लेकिन उसका पंजीयन भारतीय कानून के आधार पर होना आवश्‍यक हो।