ठोस परियोजनाओं से मजबूत होगी मध्यप्रदेश की वैश्विक साझेदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस–2027) में सात देशों को ‘साझेदार देश’ के रूप में जुड़ने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न देशों के साथ निवेश और व्यापारिक साझेदारी को ठोस परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता की कसौटी निवेश प्रस्तावों का धरातल पर क्रियान्वयन होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित राउंड टेबल बैठक में जापान, मेक्सिको,रूस,कोरिया गणराज्य, थाईलैंड,मिस्र अरब गणराज्य एवं साउथ अफ्रीका के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिनिधियों के विचारों को सुनते हुए कहा, “आपकी बातें मेरे साथ भोपाल जाएँगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनवरी 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का नौवाँ संस्करण आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि साझेदार देश (पार्टनर कंट्री) के रूप में आने वाले देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ वे स्वयं बैठक करेंगे। प्रतिनिधिमंडल उनके साथ भोज में भी शामिल होंगे। उनकी रुचि के अनुरूप पीथमपुर की औद्योगिक संभावनाओं से लेकर साँची की सांस्कृतिक विरासत तक प्रदेश के विविध पहलुओं से परिचित कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से मध्यप्रदेश में 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी यही सुनिश्चित करने पर जोर होगा कि जो कहा जाए, वह धरातल पर उतरे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष अक्टूबर में मुंबई में कई राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ हुए संवाद का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने विभिन्न देशों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया है और आने वाले वर्ष में इस साझेदारी को और विस्तार देना चाहता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रिटेन की कंपनी हेलियॉन के निवेश निर्णय का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने जून में पीथमपुर में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से कारखाना स्थापित करने का निर्णय लिया। परियोजना के लिए 40 एकड़ से अधिक भूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी के वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वयं मध्यप्रदेश आए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न विकल्पों के बीच पीथमपुर का चयन प्रदेश के प्रति कंपनी के भरोसे को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि जापान के सौ वर्ष से अधिक पुराने टोप्पन समूह ने भी अपनी नई इकाई के लिए पीथमपुर को चुना है। लगभग 950 करोड़ रुपये की इस परियोजना का पूरा निवेश विदेश से होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोरिया की ई.सी.डी.एस. के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए बताया कि कंपनी ने भारत में अपनी पहली इकाई के लिए उज्जैन में लगभग 780 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस इकाई में कैंसर की जाँच के किट बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश में जो बात मेज़ पर होती है, वह धरातल पर उतरती है।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक और लैटिन अमेरिका के 15 देशों के साथ व्यापार एवं निवेश मंच का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन आयोजनों को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।