मीरजापुर (उप्र)। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मिर्ज़ापुर आ रहे हैं वह यहां मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने के साथ अपने पुराने साथियों से भेंट मुलाकात भी करेंगे। लंबे समय के बाद अपनी कर्मभूमि मिर्ज़ापुर आ रहे रक्षामंत्री के आगमन को लेकर पूरी प्रशासनिक मिशनरीज़ उनकी सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अन्य आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने में जुटी हुई है।
गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित मैदान में हेलिपैड को दुरुस्त करने के साथ ही नगर क्षेत्र से लेकर आसपास के क्षेत्रों में आकाश मार्ग में हेलिकॉप्टर हंवा में कई चक्कर लगाते हुए देख जहां लोगों के लिए यह कौतूहल से भरा रहा है वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो देश के रक्षामंत्री के होने वाले आगमन के मद्देनजर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सेना का हेलिकॉप्टर आकाश मार्ग से सुरक्षा कारणों से अवलोकन करने हेतु चक्कर लगा रहा था।
वहीं धरातल पर नगर से लेकर विंध्याचल मंदिर तक पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की टीम सुरक्षा को लेकर चहलकदमी करते हुए देखे गए हैं। बता दें कि देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का मिर्ज़ापुर से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आत्मीयता भरा व पुरानी यादों और व्यक्तिगत संबंधों से भी जुड़ा हुआ है। सत्ता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने के बावजूद वह अपने पुराने साथियों, मित्रों और परिचितों के प्रति उनका सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। यही वजह है कि जब भी उनके विंध्यवासिनी धाम आगमन की खबर सामने आती है, जनपद में उनके पुराने साथियों और शुभचिंतकों के बीच उत्साह का माहौल बन जाता है।
राजनाथ सिंह का विंध्य क्षेत्र से जुड़ाव उनके समर्थकों और पुराने परिचितों के लिए विशेष महत्व रखता है। मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन-पूजन के लिए उनका आगमन धार्मिक आस्था के साथ-साथ पुराने संबंधों को फिर से जीवंत करने का अवसर भी बनाता है। विंध्यधाम की आध्यात्मिक महत्ता और मीरजापुर की मिट्टी से जुड़ी स्मृतियां इस आत्मीय रिश्ते को और खास बनाती हैं।
राजनाथ सिंह के पुराने मित्रों और परिचितों में अध्यापक काल से जुड़े साथी, राजनीतिक क्षेत्र के सहयोगी तथा जनपद और नगर के अनेक लोग शामिल हैं, जो उनसे व्यक्तिगत संबंध होने की बात गर्व से साझा करते हैं। इन लोगों के लिए राजनाथ सिंह केवल देश के रक्षा मंत्री नहीं, बल्कि पुराने दिनों के वही परिचित हैं, जिनके साथ कभी सामान्य जीवन के पल साझा किए थे।
राजनीति में ऊंचे पदों पर पहुंचने के बाद अक्सर लोगों के जीवन और व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है, लेकिन राजनाथ सिंह की पहचान अपने सहज और सरल व्यक्तित्व के लिए भी रही है। पुराने परिचितों से मिलने पर 'ठेठ मीरजापुरी' अंदाज में बातचीत करना और अपनत्व का भाव बनाए रखना उनके व्यक्तित्व का ऐसा पक्ष है, जिसे उनके शुभचिंतक विशेष रूप से याद करते हैं। मीरजापुर के लोगों के लिए राजनाथ सिंह का विंध्यधाम आगमन केवल एक वीआईपी दौरा नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, पुराने साथियों और आत्मीय संबंधों की यादों से जुड़ा अवसर है। यही अपनापन उनके और मीरजापुर के बीच के रिश्ते को खास बनाता है।