जो कार्य राजा-महाराजाओं, नवाबों और पिछली सरकारों ने मिलकर नहीं किया वो बीते 20 सालों में हमने कर दिखाया
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कहा कि राजा-महाराजाओं, नवाबों और पिछली सरकारों के सालों साल के शासन में जितना विकास नहीं हुआ, उससे कई गुना ज्यादा हमारी सरकार ने पिछले 20 सालों में कर दिखाया है। मुख्यमंत्री आज कुक्षी माइक्रो उद्घवहन सिंचाई परियोजना के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में आज से प्रारंभ हुए विकास पर्व की शुरूआत स्थानीय कृषक मोहन सिंह चौहान, उनकी पत्नी रंगीली बाई और श्रमिक श्री पर्वत के साथ 2,771 करोड़ 16 लाख के विकास कार्यों के भूमि-पूजन से की। विकास पर्व आगामी 14 अगस्त तक चलाया जायेगा, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के भूमि-पूजन/लोकार्पण के साथ ही जन संवाद, हितग्राही सम्मेलन, रोड-शो आदि आयोजित किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 20 वर्षों में सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं। अकेले धार जिले में 1 हजार 268 करोड़ से अधिक की लागत से लगभग 3 हजार 300 किमी लम्बाई की कुल 835 सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया है। जिले में 196 करोड़ 62 लाख रु. की लागत से 117 पुलों का निर्माण किया गया है। विद्युत अधोसंरचना के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर 333 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। जिले में 216 करोड़ रुपए की लागत से 54 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
फीडर विभक्तीकरण के 85 करोड़ की लागत के 311 कार्य पूर्ण किए गए हैं। इसके अलावा 519 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से निर्मित 78 सिंचाई परियोजनाओं से 29 हजार 790 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की गई। वर्तमान में 905 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से 22 सिंचाई परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। जल जीवन मिशन में जिले में अब तक 2 लाख 63 हजार 783 परिवारों तक नल का शुद्ध जल पहुँचाया जा चुका है। जिले में 15 सीएम राइज विद्यालय प्रारम्भ हुए। लगभग 237 करोड़ रुपए की लागत से एकलव्य विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर,आश्रम, क्रीडा परिसर एवं छात्रावासों का निर्माण किया गया है। धार में मेडिकल कॉलेज बनेगा।लगभग 71 करोड़ रुपए की लागत से कुल 529 स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया है। जिले के लगभग 11 लाख 40 हजार हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बने हैं। आयुष्मान योजना में 15 हजार से अधिक मरीजों का निःशुल्क इलाज हुआ है।