महिलाओं के नेतृत्व में विकास विषय पर नीति आयोग की कार्यशाला, गोवा में एक शानदार कार्यक्रम
नईदिल्ली। उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को संभव बनाने, विषय पर नीति आयोग की राज्य कार्यशाला श्रृंखला 3 अक्टूबर को गोवा स्थित सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी (एनआईओ) ऑडिटोरियम में आयोजित की। इस कार्यशाला का आयोजन देश के पश्चिमी क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रित करते हुए गोवा सरकार के सहयोग से किया गया था।
इस कार्यशाला में महिला उद्यमी, स्थानीय स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) एवं क्लस्टर, सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर/एक्सीलेटर, वित्तीय संस्थान, परोपकारी फाउंडेशन सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्राथमिक फोकस हब-एंड-स्पोक मॉडल पर विचार-विमर्श करना था, जिसका उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को अंतिम छोर तक कवर करते हुए जमीनी स्तर तक पहुंचाना था। गोवा के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत और नीति आयोग के सीईओ बीवीआर. सुब्रमण्यम सहित प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने इस ऐतिहासिक कार्यशाला की शोभा बढ़ाई।
गोवा सरकार के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि नीति आयोग की मदद से गोवा राज्य विजन 2047 तैयार किया जाएगा। ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ पहल के तीन साल पूरे होने की उपलब्धि का उत्सव मनाते हुए, डॉ. सावंत ने कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करने और हर प्रखंड एवं पंचायत में सरकारी सेवाओं की आपूर्ति घरों तक करने हेतु “स्वयंपूर्ण ग्रामीण मित्र” की तैनाती पर जोर दिया। इसके अलावा दशहरा के दौरान स्वयंपूर्ण ई-बाजार की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री ने सामाजिक-आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका को दोहराया। स्वयंपूर्ण ई-बाजार का उद्देश्य साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से बाजार तक पहुंच का विस्तार करना है।
सहकारी संघवाद हेतु नीति आयोग के अधिदेश पर प्रकाश डालते हुए, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत ने देश के विकास को आगे बढ़ाने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने रोजगार एवं शिक्षा के अनुपात को बनाए रखने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और श्रमशक्ति का पुनर्गठन करने की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर जोर दिया।