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वर्ल्ड फूड इंडिया' के उद्घाटन में PM ने आयुर्वेद और योग के महत्व पर दिया जोर

नईदिल्ली।  वर्ल्ड फूड इंडिया के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, " भारत का सस्टनेबल फूड कल्चर हजारों वर्षों की यात्रा का परिणाम है। हमारे पूर्वजों ने आयुर्वेद को जन सामान्य की खाद्य शैली से जोड़ा था। भारत की पहल पर जिस प्रकार अंतराष्ट्रीय योग दिवस ने योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचायावैसे ही अब मिलेट्स भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे।"

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 3 नवंबर से 5 नवंबर 2023 तक आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आयुर्वेद और योग के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने योग के वैश्विक प्रसार के महत्व को उकेरा। उद्घाटन समारोह के बाद आयुष मंत्रालय की ओर से आयोजित नॉलेज सेशन में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेदजयपुर से आये प्रोफेसर अनुपम श्रीवास्तव ने मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म पर जोर देते हुए कहा कि आयुष वीज़ा की व्यवस्था विश्व भर में स्वास्थ्य सेवाओं के जरूरत मंदों के लिए बहुत सहयोगी है।

ओम्नि एक्टिव हेल्थ टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मरीवाला ने बताया कि वर्तमान समय में आयुष उत्पादों का भारतीय बाज़ार लगभग 3.5 बिलियन यूएस डालर है जो कि 100 बिलियन तक जाने की संभावना है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के असोसिएट प्रोफेसर डॉ शिव कुमार हरती के अनुसार भोजननींद और जीवन शैली मानव स्वास्थ्य के तीन प्रमुख अंग हैं और आयुष उत्पादों अंतराष्ट्रीय खाद्य शैली का हिस्सा बन रहे हैं। एफ आई टी टी-आईआईटी दिल्ली से आये डॉ साकेत चट्टोपाध्याय ने बताया कि किस प्रकार नये आयुष उत्पादों के विकास में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

हिमालया वेलनेस कंपनी के रेग्युलेटरी हेड विजेंद्र प्रकाश ने बताया कि आयुष उद्योग के विकास में सहयोग और सहभागिता से वास्तविक विकास की कल्पना की जा सकती है। आयुष मंत्रालय के मीडिया सलाहकार श्री संजय देव ने आयुष नॉलेज सेशन के समन्वयक की भूमिका निभाई और प्रधानमंत्री मोदी के कथन को दोहराते हुए कहा की आयुर्वेद हमारे देश में हज़ारों वर्षों में बसी हुई संस्कृति का हिस्सा है और आयुष इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।

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