रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लंदन में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से की मुलाकात... कई मुद्दों पर हुई चर्चा
नईदिल्ली। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ब्रिटेन के दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने यहां 10 डाउनिंग स्ट्रीट में ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक से मुलाकात की और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। रक्षा मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों देशों के नेताओं के नेतृत्व में दोनों ही देशों ने ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक, बहुआयामी और परस्पर लाभकारी साझेदारी में ढालने और उन्हें फिर से तैयार करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
राजनाथ सिंह ने संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, बढ़ी हुई अंतरसंचालनीयता, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में परस्पर सैन्य संबंधों सहित, द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में हाल में हुई वृद्धि का स्मरण किया। उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्र सहित रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने में हो रहे मौजूदा प्रयासों पर जोर दिया। रक्षा मंत्री ने श्री ऋषि सुनक को इंग्लैंड के रक्षा उद्योग के साथ हुई अपनी सकारात्मक बातचीत और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में नई सकारात्मक ऊर्जा के बारे में भी जानकारी दी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इंग्लैंड और समान विचारधारा वाले अन्य देशों को शांतिपूर्ण और स्थायी वैश्विक नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए, जिसमें भारत के ठोस उत्थान में भागीदारी भी शामिल है, जिसे मैत्रीपूर्ण सहयोग से अधिक मजबूत, सुदृढ़ करने के साथ-साथ गति प्रदान की जा सकती है।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21वीं सदी के मध्य तक एक विकसित देश बनने के राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में 1.4 बिलियन भारतीयों के लक्ष्य का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं, विकास में लगातार वृद्धि हो रही है, गरीबी में लगातार काफी कमी आई है और व्यापार अनुकूल ढांचा स्थापित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार इंग्लैंड जैसे दोस्तों को नियम आधारित विश्व व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए साझेदारी करने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री सुनक व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इंग्लैंड और भारत द्वारा मिलकर काम करने की आवश्यकता पर रक्षा मंत्री से पूरी तरह सहमत हुए। विशेष रूप से, उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि मौजूदा मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ताओं को जल्द ही एक सफल निष्कर्ष पर लाया जा सकता है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के रक्षा और सुरक्षा स्तंभ को मजबूत करने के लिए अपनी और अपनी सरकार की उत्सुकता पर भी जोर दिया, जिसमें भारतीय समकक्ष संस्थाओं के साथ मजबूत व्यापार और प्रौद्योगिकी भागीदारी के लिए सरकार का समर्थन भी शामिल है।