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स्वच्छ शहरों के बीच चमकी दिल्‍ली… 5-स्टार कचरा मुक्त रेटिंग में मिला 7वां स्थान

नईदिल्ली। एक मजबूत निगरानी प्रणाली और अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रियाओं को अधिकतम करने के लिए नवाचारी प्रौद्योगिकियों के रणनीतिक एकीकरण से नई दिल्ली एक लाख से अधिक आबादी श्रेणी में भारत के सर्वाधिक स्वच्छ शहरों में 7वें स्थान पर है।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवासीय क्षेत्रों में 6 सामुदायिक जैविक अपशिष्ट कन्वर्टर्स स्थापित करके एक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। डोर-टू-डोर पहल से जैविक कचरा एकत्रित किया जाता है और इन सुविधाओं पर खाद तैयार की जाती है। भागीदारी को और प्रोत्साहित करने के लिए घर की खाद के लिए डिब्बे वितरित किए गएजिसके परिणामस्वरूप 1,500 से अधिक परिवार घर की खाद बनाने में शामिल हुए। यह एक सर्वेक्षण के दौरान पाया गया।

इसके अतिरिक्‍त बल्क वेस्ट जेनरेटरों (बीडब्ल्यूजी) को व्यापक दिशानिर्देश प्रदान किए गए हैं। बीडब्ल्यूजी गीले अपशिष्‍ट का ऑन-साइट अपशिष्ट प्रसंस्करण स्थायी अपशिष्ट प्रबंधन के रूप में कर रहे हैंएक हरित और पर्यावरण के प्रति समुदाय को और अधिक जागरूक बना रहे हैं।

एनडीएमसी ने कई महत्वपूर्ण उपायों को लागू किया है जिससे सेवा स्तर समझौते (एसएलए) के मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि हुई है। 3,270 दर्ज शिकायतों में से 3,022 को एसएलए समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक हल किया गया। दैनिक डोर-टू-डोर संग्रह के कार्यान्वयन ने पारंपरिक डंपिंग साइटों (ढलाओ) को समाप्त कर दिया है। डंपिंग साइटों को सफाई कर्मियों के लिए कुशल रोल कॉल सेंटर में बदल दिया गया है। एमएसडब्ल्यू संग्रह के लिए 36 जीपीएस-सक्षम वाहनों की तैनाती एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।

एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र निगरानी और पारदर्शिता के मामले में वाहनों की आवाजाही की निगरानी और एनडीएमसी 311 ऐप तथा वेबसाइट के माध्यम से ऑटो टिपर मार्ग और समय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपशिष्ट प्रसंस्करण एकीकरण के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड विकसित किया गया हैजिससे एनडीएमसी वेबसाइट पर ऑटो टिपर्स की लाइव निगरानी की जा सकती है।

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